साध्वी रंजना से विवाद का मामला, एकतरफा पुलिस कार्रवाई से पाटीदार समाज में आक्रोश, सामूहिक मतांतरण की दी चेतावनी
राजधानी के मिसरोद में गत 25 फरवरी को साध्वी रंजना और स्थानीय रहवासियों के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 04 Mar 2026 11:01:20 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Mar 2026 11:03:42 AM (IST)
HighLights
- समाज के लोगों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप
- प्रदर्शन में पुलिस पर भेदभाव के आरोप लगाए गए
- वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के मिसरोद में गत 25 फरवरी को साध्वी रंजना और स्थानीय रहवासियों के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को पाटीदार समाज और ओबीसी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने मांगलिक भवन रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।
इसमें भारी संख्या समाज के महिला और पुरुष शामिल हुए। समाज का आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है। समाज के प्रतिनिधि प्रशांत पाटीदार ने बताया कि विवाद की जड़ शासकीय स्कूल के पास संकरी सड़क पर लगा ट्रैफिक जाम था।
समाज के लोगों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप
आरोप है कि गलत साइड पर खड़ी साध्वी की गाड़ी को पीछे लेने का आग्रह करने पर साध्वी के समर्थकों ने समाज के लोगों से अभद्र व्यवहार किया, उन्हें चांटा मारा और कपड़े भी फाड़ दिए। इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने वाहन में तोड़फोड़ की।
प्रदर्शन में पुलिस पर भेदभाव के आरोप लगाए गए
पाटीदार समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस ने साध्वी की शिकायत पर निर्दोषों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया, जबकि समाज की ओर से कोई एफआइआर नहीं ली गई। आरोप यह भी है कि पुलिस रात के समय घरों में दबिश देकर परिजनों को परेशान कर रही है, जिसे रोका जाना चाहिए।