एमपी में कक्षा 9वीं का बदला पूरा सिलेबस, बाजार से गायब हुईं NCERT की किताबें, अभिभावक परेशान
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन बाजार में एनसीईआरटी की किताबों की कमी ने अभिभावकों और विद्यार्थियों की मुश ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 09:59:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 09:59:20 PM (IST)
प्रदेश में एनसीईआरटी किताबों का संकट। (AI से जेनरेट की गई इमेज) नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन बाजार में एनसीईआरटी की किताबों की कमी ने अभिभावकों और विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासतौर पर गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे मुख्य विषयों की किताबें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। इससे पढ़ाई की शुरुआत प्रभावित हो रही है। वहीं कक्षा एक से आठवीं और नौवीं तक की पुस्तकों में बदलाव किए गए हैं। इसमें नौवीं कक्षा के सभी विषयों की किताबों में बदलाव किया गया है।
बाजार में नहीं मिल रही है किताबें
बाजार में नौवीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रही है। इस कारण अभिभावक निजी प्रकाशकों की किताबें लेने के लिए मजबूर हैं। नौवीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें अभी तैयार की जा रही हैं, जिन्हें इस सत्र से लागू किया जाएगा। राजधानी के बुक डिपो संचालकों का कहना है कि नौवीं की एनसीईआरटी की किताबें अभी आई नहीं है, क्योंकि इसके पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव किए गए हैं। उनका कहना है कि अभी नई किताबें आने में 15 से 20 दिन लगेंगे।
नौवीं में तीन हिस्सों में किया गया है बदलाव
नौवीं के सिलेबस को अब तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसमें भाषा और संवाद कौशल, कोर विषय (गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान) कौशल आधारित विषय शामिल है। सामाजिक विज्ञान को भी अब इंटीग्रेटेड रूप में पढ़ाया जाएगा। पहले जहां इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थशास्त्र अलग-अलग विषय थे, वहीं अब इन्हें एक साथ जोड़ा गया है। नए पाठ्यक्रम में भारतीय इतिहास और ज्ञान परंपरा को प्रमुखता दी गई है।
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निजी प्रकाशकों की किताबें बनी मजबूरी
एनसीईआरटी की किताबें जहां 50 से 60 रुपये तक में मिलती हैं। वहीं निजी प्रकाशकों की किताबें 300 से 400 रुपये तक बिक रही हैं। उदाहरण के तौर पर, जहां एनसीईआरटी की पांच किताबें 300 से 400 रुपये में तो निजी प्रकाशकों की किताबों का सेट तीन से चार हजार रुपये तक पहुंच रहा है।
बाजार में नकली किताबें मिलने की शिकायत मिल रही है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।- एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी