वर्दी के नाम पर 'गंदा खेल'... फर्जी NSG कमांडो बनकर डेढ़ साल तक किया युवती का शोषण, अब फरार
कोलार थाना क्षेत्र में एक जालसाज द्वारा खुद को एनएसजी कमांडो बताकर एक युवती को प्रेम जाल में फंसाने और डेढ़ साल तक उसका शारीरिक शोषण करने का सनसनीखेज ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 17 Mar 2026 09:52:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 Mar 2026 09:53:32 PM (IST)
फर्जी NSG कमांडो बनकर डेढ़ साल तक किया युवती का शोषणHighLights
- फर्जी एनएसजी कमांडो बनकर डेढ़ साल तक युवती का किया दैहिक शोषण
- वर्दी में फर्जी फोटो और नकली आधार कार्ड दिखाकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया
- आरोपित निकला शादीशुदा; पुलिस ने धोखाधड़ी और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र में एक जालसाज द्वारा खुद को एनएसजी कमांडो बताकर एक युवती को प्रेम जाल में फंसाने और डेढ़ साल तक उसका शारीरिक शोषण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपित ने न केवल सेना की वर्दी में फर्जी फोटो दिखाकर युवती को गुमराह किया, बल्कि अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार और पैन कार्ड का भी सहारा लिया। युवती की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।
स्पा सेंटर में हुई मुलाकात और शादी का झांसा
पुलिस के अनुसार, बैतूल निवासी 27 वर्षीय पीड़िता इलाके के एक स्पा सेंटर में कार्यरत है। करीब डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात बलराम नामक युवक से हुई, जो अक्सर वहां आता था। खुद को रसूखदार और अनुशासित दिखाने के लिए बलराम ने युवती को सेना की वर्दी में अपनी तस्वीरें दिखाईं और दावा किया कि वह एनएसजी कमांडो है। युवती उसकी बातों में आ गई और जब बलराम ने शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने स्वीकार कर लिया। भरोसे को पुख्ता करने के लिए आरोपित ने युवती को फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी दिखाए, ताकि उसकी असलियत सामने न आ सके। इसी झांसे में रखकर वह पिछले 18 महीनों से युवती का दैहिक शोषण करता रहा।
आरोपित निकला शादीशुदा और जालसाज
पिछले कुछ समय से आरोपित ने युवती से दूरी बनानी शुरू कर दी और शादी की बात आने पर साफ इनकार कर दिया। पीड़िता ने जब अपने स्तर पर पड़ताल की, तो उसे पता चला कि बलराम न तो कमांडो है और न ही कुंवारा। वह पहले से शादीशुदा निकला और उसके द्वारा दिखाए गए पहचान पत्र भी फर्जी पाए गए। कोलार थाना पुलिस के मुताबिक, चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता को आरोपित के असली पते और काम के बारे में जानकारी ही नहीं है, क्योंकि जो पता बताता था, वह गलत निकला है।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपित की तलाश
फिलहाल पुलिस ने मोबाइल नंबर और स्पा सेंटर के रिकॉर्ड के आधार पर आरोपित की घेराबंदी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपित ने सरकारी पद का दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेज तैयार कर गंभीर अपराध किया है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।