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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 जनवरी को हुए एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के टिकट वितरण को लेकर मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) ने अपना पक्ष प्रशासन के सामने रख दिया है। इस मामले में जिला प्रशासन ने एमपीसीए को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा था। एमपीसीए के अनुसार, ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान कभी भी वेबसाइट ठप नहीं हुई। टिकटों की बुकिंग भी सुबह पांच बजे से प्रारंभ होकर करीब दो घंटे तक चलती रही। इसके साथ ही टिकट बिक्री से जुड़ी पूरी जानकारी भी साझा की है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि अभी तक इस मामले में हमें कोई जवाब नहीं मिला है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन सिंधिया एमपीसीए के अध्यक्ष हैं। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के टिकट की बिक्री ऑनलाइन पोर्टल पर हुई थी। कई प्रशंसकों को टिकट नहीं मिल सके थे। ऐसे में एक पूर्व पार्षद ने जनसुनवाई में टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। आरोप था कि हजारों टिकट कुछ ही मिनट में बिक गए। बता दें कि एमपीसीए ने उक्त मैच के लिए 18 हजार टिकट ऑनलाइन बिक्री के लिए रखे थे। एमपीसीए के सीओओ रोहित पंडित ने प्रशासन के सामने एमपीसीए की ओर से पक्ष रखा।
प्रशासन को दिए जवाब में उन्होंने लिखा कि हमने शिकायतकर्ता द्वारा उठाए सवालों का गंभीरतापूर्वक आकलन किया है। इसके साथ ही हमने शिकायतकर्ता की भावनाओं को भी ध्यान में रखा है। एमपीसीए ने मैच के लिए इंदौरवासियों के साथ ही मध्य प्रदेश और देश के अन्य शहरों से खरीदे टिकटों की संख्या के बारे में कलेक्टर को संपूर्ण जानकारी दे दी है। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि टिकट बिक्री के दौरान ऑनलाइन सिस्टम कभी भी क्रैश नहीं हुआ था। मैच के लिए टिकटों की बिक्री तीन जनवरी को सुबह पांच बजे से शुरू हुई थी और सुबह 6.43 बजे खत्म हुई। इससे यह साबित होता है कि करीब दो घंटों तक टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग हो रही थी।
टिकटों की कालाबाजारी को लेकर लगाए आरोपों का जवाब देते हुए एमपीसीए ने कहा कि जहां तक मैच के टिकटों की कालाबाजारी को लेकर शिकायत है, तो हमें इस तरह की जानकारी का खेद है। हालांकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का अधिकार और क्षमता प्रशासन और पुलिस विभाग के पास है। यदि शिकायतकर्ता के पास कोई साक्ष्य हैं, तो उन्हें अधिकारियों के साथ इसे साझा करना चाहिए। अपर कलेक्टर रोशन राय का कहना है कि अभी तक एमपीसीए की तरफ से किसी तरह का जवाब नहीं आया है। जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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