
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश से सिर्फ एक कदम दूर है। मानसून फिलहाल पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से तक पहुंच चुका है और अगले 48 घंटों में यह पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर लेगा। लिहाजा मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून की धमाकेदार एंट्री होगी।
मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार मानसून बंगाल की खाड़ी की तरफ से आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि पिछले साल की तरह इस बार इंदौर के बजाय मानसून प्रदेश के पूर्वी-दक्षिणी भाग यानी बालाघाट, अनूपपुर और उमरिया के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।
राजधानी में 20 मिलीमीटर हुई वर्षा मानसून के करीब आने से प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को इसका असर साफ देखने को मिला, जब शाम साढ़े पांच बजे तक राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों के कई जिलों में जोरदार वर्षा हुई।
सोमवार को धार जिले में सबसे अधिक 44 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा भोपाल में 20 मिलीमीटर, उज्जैन में 9 मिलीमीटर, खंडवा व राजगढ़ में 4-4 मिलीमीटर, इंदौर व जबलपुर में 3-3 मिलीमीटर और रायसेन व सागर में 1-1 मिलीमीटर पानी गिरा। इसके साथ ही छिंदवाड़ा, सिवनी, सतना और खजुराहो में भी बौछारें पड़ीं।
आज दक्षिणी हिस्सों में अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को भी प्रदेश के दक्षिणी भाग में गरज-चमक के साथ कहीं तेज वर्षा तो कहीं बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
वहीं सोमवार को तापमान की बात करें तो पश्चिमी इलाकों में अधिकतम पारा 32.9 से 40.2 डिग्री तक रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री तक ज्यादा है। पूर्वी इलाकों में भी पारा 34.2 से 40.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे हवा में उमस का असर बना हुआ है।
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| शहर | अधिकतम | न्यूनतम |
| भोपाल | 35.2 | 25.7 |
| इंदौर | 34.7 | 27.5 |
| ग्वालियर | 40.2 | 28.2 |
| जबलपुर | 36.0 | 25.8 |
(नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में है)