
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। हाई-प्रोफाइल मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में कानूनी और प्रशासनिक शिकंजा अब पूरी तरह कस गया है। शुक्रवार को मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह के सरेंडर करने के तुरंत बाद 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया' (BCI) ने एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाया है। देश की सर्वोच्च विधिक संस्था (BCI) ने आरोपी समर्थ सिंह के कोर्ट में प्रैक्टिस करने के अधिकार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए उसका वकालत का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अधिवक्ता समर्थ सिंह को भोपाल में शादी के कुछ महीनों के भीतर उनकी पत्नी ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से कानूनी अभ्यास से निलंबित कर दिया। pic.twitter.com/rExxZKUvEH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 22, 2026
मामले की गंभीरता को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस विधिक निलंबन की घोषणा की। आदेश में साफ किया गया है:
अधिवक्ता समर्थ सिंह को तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित किया जाता है। जब तक कि उनके विरुद्ध चल रही आगामी अनुशासनात्मक कार्यवाही पर अंतिम विचार और विधिक निर्णय नहीं कर लिया जाता, तब तक वे किसी भी न्यायालय में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
मॉडल से एक्ट्रेस बनी त्विषा शर्मा मूल रूप से नोएडा (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली थीं। उनका विवाह पिछले वर्ष ही भोपाल निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह के साथ हुआ था। बीती 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था।
ससुराल पक्ष ने इसे फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला बताया था, जबकि नोएडा से आए मायके पक्ष के लोगों ने इसे सीधे तौर पर दहेज प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और निर्मम हत्या का मामला करार दिया था। मायके पक्ष द्वारा मुख्यमंत्री से लेकर हाई कोर्ट तक विधिक गुहार लगाने के बाद इस मामले में बड़े प्रशासनिक फेरबदल हुए हैं:
भोपाल में किए गए शुरुआती पोस्टमार्टम पर मायके पक्ष ने गंभीर विधिक सवाल उठाए थे और कूट रचित रिपोर्ट तैयार करने की आशंका जताई थी। इसी वजह से पिछले 12 दिनों से त्विषा शर्मा का शव मेडिकल फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है।
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परिजनों की विधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब दिल्ली एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों का एक विशेष पैनल नए सिरे से ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम करेगा। चूंकि शव समय के साथ खराब हो रहा है, इसलिए एम्स की यह विशेषज्ञ टीम अविलंब भोपाल आकर अपनी विधिक व फॉरेंसिक जांच पूरी करेगी और इसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीधे अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।