
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में संचालित बालक सुधार केंद्र (बदला हुआ नाम) में दो बच्चों के साथ सामूहिक मारपीट और यौन उत्पीड़न की एक दहला देने वाली घटना सामने आई है। विभिन्न मामलों में आरोपित होने के बाद यहां लाए गए दोनों बच्चों के साथ वहां रखे गए हमउम्र अपचारी कई दिनों से मारपीट और कुकर्म कर रहे थे। जांच के बाद श्यामला हिल्स पुलिस ने 11 आरोपितों के विरुद्ध पॉक्सो और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपितों को दूसरे केंद्र में स्थानांतरित किया जा रहा है।
सहायक पुलिस आयुक्त संतोष पटेल ने बताया कि सात जुलाई को बालक सुधार केंद्र प्रबंधन से शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। दोनों पीड़ित किशोरों के बयान दर्ज कर अलग-अलग प्रकरण कायम किए गए है। मेडिकल परीक्षण में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
एक मामले में छह और दूसरे में पांच विधि-विरोधी बालकों को आरोपित बनाया गया है। दोनों मामलों में कुल 11 किशोरों की भूमिका सामने आई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटनाएं कब से हो रही थीं, कितनी बार हुईं और संस्थान के भीतर लगातार उत्पीड़न कैसे चलता रहा।
बताया जा रहा है कि दोनों पीड़ितों ने पिछले दिनों मुलाकात के दौरान अपने स्वजनों को अपने साथ ही हो रही अमानवीयता की जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार संबंधित जिलों में प्रशासन के पास पहुंचे और शिकायत की। शिकायत भोपाल पहुंचने पर सुधार गृह ने जांच शुरू की, उसके बाद एफआइआर दर्ज की गई। केस दर्ज होने के बाद सभी 11 आरोपितों को दूसरे केंद्र में स्थानांतरित किया जा रहा है।
बालक सुधार केंद्र की पूरी व्यवस्था अब कठघरे में है। यहां पर्याप्त स्थान, खेल मैदान, खुला वातावरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी लगातार बनी हुई है। करीब एक वर्ष पहले भी जिला प्रशासन और न्यायालय के समक्ष यहां की अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया गया था, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
यह पहला अवसर नहीं है जब बालक सुधार केंद्र की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आई हो। यहां से चार विधि-विरोधी बालक फरार हो चुके हैं। संस्थान के भीतर ही यौन हिंसा और मारपीट की घटना सामने आने से महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, विधि विभाग और बाल संरक्षण तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।