
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। प्रदेश में हवाओं के साथ आ रही नमी के कारण बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमानों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार और शनिवार के बीच प्रदेश के रात के पारे में एक से छह डिग्री तक की कमी आई है, जबकि दिन के तापमान में नौ डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट देखी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। शनिवार सुबह तक दतिया में 1.0 मिलीमीटर और भिंड में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। रात का सबसे कम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और दतिया में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। उत्तरी हवाओं की सक्रियता के कारण अब प्रदेश के अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुँचने के आसार हैं।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और उससे लगे पाकिस्तान के ऊपर चक्रवात (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तरी पंजाब के आसपास एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊँचाई पर 240 किमी प्रति घंटा की तेज़ रफ़्तार से 'जेट स्ट्रीम' हवाएं चल रही हैं। यह भौगोलिक स्थिति मैदानी इलाकों में ठंड और कोहरे की तीव्रता को बढ़ा रही है।
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मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक, वातावरण में नमी का सिलसिला अभी बना हुआ है, जिससे रविवार को प्रदेश के कुछ शहरों में 'शीतल दिन' (Cold Day) की स्थिति रह सकती है। वहीं, मौसम विज्ञानी स्नेहिल सप्रे ने चेतावनी दी है कि रविवार को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में घना कोहरा छा सकता है। आगामी 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है, जिसके बाद ठंड का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है।