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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में कूदा जमीअत उलमा मप्र; दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग, दिया वैकल्पिक रास्ते का सुझाव

सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के आंशिक हिस्से को हटाए जाने पर जमीअत उलमा मध्य प्रदेश ने आपत्ति जताई।

By Abrar KhanEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 11:10:33 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 11:10:33 PM (IST)
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में कूदा जमीअत उलमा मप्र; दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग, दिया वैकल्पिक रास्ते का सुझाव
जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून भोपाल में उज्जैन की शाही मस्जिद मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी बात कहते हुए। सौ. आयोजक

HighLights

  1. शाही मस्जिद विवाद में जमीअत की एंट्री
  2. दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
  3. धार्मिक स्थल न हटाएं, वैकल्पिक मार्ग तलाशे

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सड़क चौड़ीकरण की जद में आए उज्जैन के शाही मस्जिद का आंशिक हिस्सा तोड़े जाने से उपजे विवाद में जमीअत उलमा मध्य प्रदेश भी कूद पड़ा है। जमीअत के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने गुरुवार को कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन के आरोप में दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।

पत्रकारों से बातचीत में मोहम्मद हारुन ने कहा कि विकास कार्यों, सड़क चौड़ीकरण और कारिडोर के लिए मंदिर या मस्जिद जैसे धार्मिक स्थलों को हटाने के बजाय वैकल्पिक रास्ते तलाशे जाने चाहिए।

यह भी पढ़ें- उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के दौरान गिरी मीनार, छत हुई क्षतिग्रस्त; शुरू हुआ मरम्मत का काम

मुआवजे की मांग

उज्जैन की शाही मस्जिद के संबंध में उन्होंने कहा कि मस्जिद के सामने स्थित संदल वाली इमारत के मालिक को उचित मुआवजा देकर उसका अधिग्रहण किया जा सकता था।

मुस्लिम समाज भी इसके लिए सहयोग को तैयार था। इससे मस्जिद पूरी तरह बच जाती और किसी प्रकार का विवाद नहीं होता।