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भोपाल में मरीजों की बढ़ी मुसीबत... जीवनरक्षक क्लॉटिंग फैक्टर का स्टॉक खत्म, महंगे दाम पर दवा खरीदने की मजबूरी

राजधानी के जयप्रकाश (जेपी) जिला अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले जीवनरक्षक हीमोफीलिया फैक्टर का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो ...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 07:07:58 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 07:07:58 PM (IST)
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भोपाल में मरीजों की बढ़ी मुसीबत... जीवनरक्षक क्लॉटिंग फैक्टर का स्टॉक खत्म, महंगे दाम पर दवा खरीदने की मजबूरी
जयप्रकाश (जेपी) जिला अस्पताल

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के जयप्रकाश (जेपी) जिला अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले जीवनरक्षक हीमोफीलिया फैक्टर का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है। इससे अस्पताल पर निर्भर मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। कई मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि कुछ निजी मेडिकल स्टोर्स से महंगी कीमत पर दवा खरीदने को मजबूर हैं।

हीमोफीलिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी

हीमोफीलिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें शरीर में खून का थक्का सामान्य रूप से नहीं जमता। ऐसे में मामूली चोट लगने पर भी लंबे समय तक रक्तस्राव होता रहता है। कई बार बिना किसी बाहरी चोट के शरीर के अंदर भी ब्लीडिंग शुरू हो जाती है, जो मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को समय-समय पर क्लाटिंग फैक्टर इंजेक्शन देना आवश्यक होता है। यही दवा उनके लिए जीवनरक्षक का काम करती है।


स्टॉक समाप्त होने से मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

जेपी अस्पताल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हीमोफीलिया मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में फैक्टर उपलब्ध रहने से मरीजों को समय पर उपचार मिल जाता था, लेकिन अब स्टॉक समाप्त होने से स्थिति गंभीर हो गई है। जिन मरीजों को अचानक ब्लीडिंग की समस्या होती है, उनके लिए तत्काल फैक्टर मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में दवा उपलब्ध नहीं होने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

निजी मेडिकल स्टोर्स से महंगी दवा खरीदने की मजबूरी

निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स से ला रहे मरीजों के परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में दवा नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स का सहारा लेना पड़ रहा है। वहां यह इंजेक्शन काफी महंगा मिलता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कई मरीज नियमित डोज भी नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

नियमित उपलब्धता है बेहद जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हीमोफीलिया के मरीजों के लिए फैक्टर की नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी है। दवा में थोड़ी भी देरी मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकती है। इसलिए अस्पतालों में इसका पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना आवश्यक है।

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हमारे यहां पर्याप्त स्टॉक रहता है। कुछ कमियां होंगी तो पूरा किया जाएगा। हमारी कोशिश रहती है कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। - संजय जैन, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल।