नईदुनिया भोपाल, प्रतिनिधि। निवेशकों से राशि लेने के बाद रेरा के आदेश के बावजूद भुगतान नहीं करने वाले एजी-8 वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाया है। वसूली वारंट, संपत्ति कुर्की और नीलामी की कार्रवाई के बाद भी बकाया राशि की वसूली नहीं हो सकी।
मध्यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) भोपाल के विभिन्न प्रकरणों में निवेशकों के पक्ष में आदेश जारी होने के बाद संबंधित बिल्डर से राशि की वसूली के लिए वारंट जारी किए गए थे।
वारंट के पालन में कोलार तहसीलदार ने एजी-8 वेंचर्स की संपत्ति कुर्क कर उसकी नीलामी की कार्रवाई भी की, लेकिन नीलामी में कोई बोलीदाता उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद भी बकाया राशि की वसूली नहीं हो सकी।
तीन बार वारंट, फिर भी पुलिस नहीं कर सकी गिरफ्तार
प्रशासन के मुताबिक, राजीव सोनी के खिलाफ अब तक तीन बार वारंट जारी किए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। मामले में उच्च न्यायालय जबलपुर में अवमानना प्रकरण भी विचाराधीन है।
लगातार आदेश और वारंट के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर प्रशासन ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (भू-राजस्व की उगाही) नियम-2020 के तहत अब सिविल जेल भेजने की कार्रवाई शुरू की है।
रेरा में राशि वापस दिलाने के लिए की थी शिकायत
कोलार तहसीलदार यशवर्धन सिंह के मुताबिक, करीब 25 से 30 लोगों ने रेरा में राशि वापस दिलाने के लिए शिकायतें की थीं। सुनवाई के बाद रेरा ने निवेशकों के पक्ष में आदेश दिए, लेकिन नोटिस और वसूली वारंट जारी होने के बावजूद बिल्डर की ओर से राशि जमा नहीं कराई गई।
राजीव सोनी ने भोपाल में आकृति सिटी नाम से कई आवासीय परियोजनाएं विकसित की थीं।
इधर, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि परियोजनाओं में लोगों ने बड़ी रकम लगाई, लेकिन कई प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए और खरीदारों को उनके मकान नहीं मिल सके। अब रेरा के आदेश के बाद भी रकम नहीं लौटाए जाने से निवेशकों की परेशानी और बढ़ गई है।