बीमा एजेंट ने रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी से की 10 लाख की धोखाधड़ी, मकान बेचकर फरार हुआ आरोपी
एमपीनगर स्थित कोटक बैंक में कार्यरत एक बीमा एजेंट ने रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी से दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पूर्व अधिकारी ने बीमा एजेंट सुधीर द् ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Feb 2026 02:12:43 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Feb 2026 02:12:43 AM (IST)
रिटायर्ड रेलवे अधिकारी से 10 लाख की धोखाधड़ी।HighLights
- रिटायर्ड रेलवे अधिकारी से 10 लाख की धोखाधड़ी।
- मकान बेचकर फरार हुआ आरोपी।
- एजेंट ने प्रीमियम हड़पकर भेजीं फर्जी रसीदें।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। एमपीनगर स्थित कोटक बैंक में कार्यरत एक बीमा एजेंट ने रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी से दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पूर्व अधिकारी ने बीमा एजेंट सुधीर द्विवेदी के माध्यम से 2019 में बैंक से 11 बीमा पालिसी ली थीं।
पूर्व अधिकारी उसे ही हर साल बीमा पालिसी का प्रीमियम भेजते थे, लेकिन एजेंट उस राशि का गबन कर लेता था और उन्हें फर्जी रसीदें बनाकर भेज देता था। ऐसा वह पिछले पांच साल से कर रहा था और इस दौरान वह करीब दस लाख रुपये ठग चुका था।
फर्जी रसीदों से हुआ गबन का खेल
पिछले दिनों पूर्व अधिकारी को जब इसकी भनक लगी तो एमपीनगर थाने में शिकायत की। पुलिस ने सुधीर द्विवेदी के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है। एसआइ कुलदीप खरे ने बताया कि 67 वर्षीय केएस चौहान रेलवे से रिटायर्ड हैं, वह इटारसी, नर्मदापुरम के रहने वाले हैं।
शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में उनका संपर्क बीमा एजेंट सुधीर द्विवेदी, कोलार से हुआ था। उसके कहने पर उन्होंने एमपीनगर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक से स्वयं व अपने स्वजनों के नाम पर 11 बीमा पालिसी ली थीं।
बैंक के फोन से हुआ ठगी का खुलासा
वे बीमा पालिसी की राशि सुधीर को भेजते थे। सुधीर ने शुरूआती दो-तीन किश्तें भरीं और फिर पुरानी रसीदों में ही छेड़छाड़ कर उनकी तारीख बदलकर भेज देता था। इस प्रकार वह करीब 10 लाख रुपये का गबन कर चुका था। पिछले दिनों जब बैंक द्वारा बीमा पालिसी भरने को लेकर केएस चौहान को फोन किया गया तो वे चौंक गए। जांच में पूरे गबन का खुलासा हुआ।
मकान बेचकर फरार हुआ आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि 2020 में ही सुधीर नौकरी छोड़कर भाग गया था। उसने कोलार में अपना मकान भी बेच दिया है। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।