
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शाहपुरा झील के आसपास अब मनमाने निर्माण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल ने भोज वेटलैंड के एफटीएल से शहरी क्षेत्र की ओर 50 मीटर तक निर्माण और प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक के प्रावधान स्पष्ट करते हुए झील का सीमांकन और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर निगम को शाहपुरा झील का एफटीएल, बफर जोन और जोन आफ इन्फ्लुएंस की स्पष्ट जानकारी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में नई निर्माण अनुमति जारी न हो।
नवदुनिया में 18 फरवरी को साजिश की भेंट चढ़ रहा शाहपुरा तालाब, स्टाप डेम तोड़कर बहाया जा रहा पानी शीर्षक से प्रकाशित समाचार और नितिन सक्सेना की याचिका पर एनजीटी की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी झील को बांध या जलाशय कह देने से उसका वेटलैंड का दर्जा नहीं बदलता। शाहपुरा झील भोज वेटलैंड का हिस्सा है और इस पर वेटलैंड नियम लागू होंगे।
सुनवाई के दौरान संयुक्त समिति ने शाहपुरा वेटलैंड का क्षेत्रफल 47.2205 हेक्टेयर बताया, जबकि निगम के सहायक अभियंता पुंड्रीक द्विवेदी ने सुनवाई में 49.11 हेक्टेयर क्षेत्रफल बताया। समिति ने माना कि राजस्व अभिलेख के आधार पर तैयार जीआइएस शेप फाइल और केएमएल में झील की पूरी सीमा स्पष्ट नहीं है। जांच में अतिक्रमण के साथ बिना उपचारित पानी की निकासी भी मिली। एनजीटी ने अब तक की कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना है। एनजीटी ने कोलार एसडीएम को सीमांकन और अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई की रिपोर्ट हर 15 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अगली सुनवाई में उन्हें शपथपत्र के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। कलेक्टर और निगम आयुक्त को अतिक्रमण हटाकर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करनी होगी।- रिकार्ड में वेटलैंड की संख्या में भी अंतरएनजीटी में सुुनवाई के दौरानप्रदेश में वेटलैंड की संख्या को लेकर भी रिकॉर्ड में अंतर सामने आया। एक रिकॉर्ड में 13,565 और दूसरे में 15,152 वेटलैंड दर्ज हैं। एनजीटी ने जिला-वार सूची वेबसाइट पर जारी करने और 2.25 हेक्टेयर से छोटे वेटलैंड भी चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
वहीं, आर्या श्रीवास्तव और राशिद नूर खान की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अधिकरण ने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और मप्र राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को पूर्व में दिए आदेशों के पालन में शाहपुरा तालाब के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखने को कहा है। अगली सुनवाई पर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।