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MP में पहली बार 'युवा बजट' लाने की तैयारी में मोहन सरकार, किसानों और उद्योगपतियों के लिए भी खुलेगा सरकारी खजाना

मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 से चुनाव का सिलसिला प्रारंभ होने वाला है। पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव मई-जून में प्रस्तावित हैं। इससे पहले मार्च में प्रस...और पढ़ें

By vaibhav shridharEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 28 Aug 2026 08:43:32 AM (IST)Updated Date: Fri, 28 Aug 2026 08:46:03 AM (IST)
MP में पहली बार 'युवा बजट' लाने की तैयारी में मोहन सरकार, किसानों और उद्योगपतियों के लिए भी खुलेगा सरकारी खजाना
MP में पहली बार 'युवा बजट' लाने की तैयारी में मोहन सरकार (AI तस्वीर)

HighLights

  1. अगला साल चुनावी, बजट के फोकस में रहेगी नगर और ग्राम सरकार
  2. वर्ष 2027 के पंचायत-नगरीय निकाय चुनाव से पहले मार्च में प्रस्तुत होगा बजट
  3. वित्त विभाग ने सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्ताव तैयार करने की अंतरिम सीमा दी

वैभव श्रीधर, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 से चुनाव का सिलसिला प्रारंभ होने वाला है। पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव मई-जून में प्रस्तावित हैं। इससे पहले मार्च में प्रस्तुत होने वाले राज्य के बजट के फोकस में नगर और ग्राम सरकार रहेगी। वित्त विभाग ने बजट प्रस्ताव तैयार करने के लिए विभागों को जो अंतरिम सीमा दी है, उसमें गांव और शहर, दोनों को साधने की तैयारी दिखाई दे रही है। ग्रामीण विकास के लिए 31 हजार करोड़ रुपये तो नगरीय विकास के लिए 23 हजार करोड़ रुपये के प्रविधान किए जा सकते हैं।

प्रदेश में युवा मतदाताओं की संख्या 1.39 करोड़

इतना ही नहीं, मतदाताओं को सीधे प्रभावित करने वाली हितग्राहीमूलक जो योजनाएं हैं, उनमें से किसी का भी बजट कम नहीं होगा। चूंकि, प्रदेश में युवा मतदाताओं (आयु समूह 18 से 29 वर्ष) की संख्या 1.39 करोड़ से अधिक है, इसलिए इन्हें फोकस में रखते हुए इस बार युवा बजट भी प्रस्तुत करने की तैयारी है। इस बार नगरीय निकाय चुनाव पूरी तरह से प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे मतदाताओं के मध्यम से होंगे। वर्ष 2022 के चुनाव में नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराए गए थे। इस व्यवस्था में संशोधन करके फिर पुरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है।


ग्रामीण मतदाताओं को साधने की तैयारी

चूंकि, ये चुनाव 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी की रोशनी में होंगे, इसलिए सरकार का लक्ष्य नगरीय के साथ ग्रामीण मतदाताओं को साधना होगा। यही कारण है कि वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारी के लिए वित्त विभाग द्वारा जो अंतरिम सीमा विभागों को दी गई है, उसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ नगरीय विकास को भरपूर राशि दी जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार पंचायत के लिए 10,752 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 31,789 और नगरीय विकास के लिए 22,665 करोड़ रुपये रखे जा रहे हैं।

स्वास्थ्य, सिंचाई, ऊर्जा के लिए भी रहेंगे बड़े प्रविधान

नगरीय और ग्रामीण विकास के अलावा सरकार को जोर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी रहेगा। इसके लिए 23,305 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। सिंचाई का क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लिए परियोजना को गति देने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक मिल सकते हैं। किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली देने के लिए विद्युत कंपनियों को अनुदान देने का क्रम सरकार जारी रखेगी। इसके लिए ऊर्जा विभाग को 34,020 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। इसी तरह स्कूल शिक्षा के लिए 35,688 रुपये से अधिक के प्रविधान रखे जा सकते हैं।

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औद्योगिक केंद्रों के विकास के लिए राशि की कमी नहीं

वहीं, सरकार आगामी बजट में औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए विभिन्न औद्योगिक केंद्रों के विकास के लिए राशि का प्रविधान करेगी। इसके लिए उद्योग विभाग का बजट 4000 करोड़ और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग को 2,206 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। इस राशि से विभिन्न उद्योगों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया जाएगा।