सीएम डॉ. मोहन यादव TET को लेकर संवेदनशील, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई पुनर्विचार
मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के हित में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ ...और पढ़ें
By Amit SinghEdited By: Amit Singh
Publish Date: Sat, 18 Apr 2026 12:39:53 AM (IST)Updated Date: Sat, 18 Apr 2026 12:39:53 AM (IST)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षकों के लिए कर रहे अथक प्रयासपीयूष रघुवंशी, भोपाल। मध्यप्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी जरूरी है। शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस कदम के लिए उसका स्वागत किया है।
गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को एक निर्णय पारित किया था। इसमें सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का उल्लेख किया गया है। निर्णय अनुसार ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा अवधि 1 सितंबर 2025 को 5 वर्ष से अधिक शेष है और पात्रता परीक्षा पास नहीं है, उन्हें परीक्षा में सम्मिलित होने के निर्देश हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय निर्णय के पैरा-216 अनुसार ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा में 5 वर्ष से कम समय शेष है, यदि भविष्य में वे पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें भी पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा अन्यथा पदोन्नति की पात्रता नहीं होगी।
शिक्षकों के साथ खड़ी प्रदेश सरकार
बता दें, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की जानकारी उन्हें दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार हर समय शिक्षकों के साथ है।