
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पिछले छह दिनों से इंदौर से मंडला तक की दक्षिणी पट्टी में अटका मानसून सोमवार-मंगलवार की रात तेजी से आगे बढ़ा। मंगलवार दोपहर तक इसकी उत्तरी रेखा इंदौर से आगे बढ़कर सागर और पूर्वी उत्तरी छोर पर सीधी तक पहुंच गई थी। इसके सक्रिय होते ही प्रभाव क्षेत्र में भारी से अति भारी वर्षा हुई।
सागर के गढ़ाकोटा में 24 घंटे में सबसे अधिक 160.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। अशोकनगर के मुंगावली में 129 मिमी और धार के पीथमपुर में 120 मिमी बारिश दर्ज हुई। बैतूल जिले के भैंसदेही में 116 मिमी और चिचोली में 102 मिलीमीटर की वर्षा दर्ज हुई है। इसकी वजह से वहां दुर्घटनाएं भी हुई हैं।
मानसून अब देवास, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, पन्ना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, cutनी, उमरिया और जबलपुर को अपने प्रभाव में ले चुकी है। इंदौर, नर्मदापुरम संभाग के अलावा जबलपुर संभाग के गोंडवाना वाले जिलों में मानसून 24 जून को ही आ गया था।
मौसम विभाग ने बुधवार को डिंडोरी, बालाघाट और मंडला जिलों में अति भारी वर्षा, झंझावात की चेतावनी जारी की है। हरदा, देवास, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी वर्षा की संभावना है।
वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, नरिसंहपुर, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं कहीं वर्षा और झंझावात वज्रपात की संभावना है।
सोमवार रात चिचोली क्षेत्र के चंपा नदी की बाढ़ में फंसकर सिपलई निवासी राजेश बिहारे (40) और दादू (45) की मौत हो गई। दोनों देवपुर कोटमी से रात को बाइक से लौट रहे थे। सुबह उनका शव घटना स्थल से एक किलोमीटर दूर मिला।
चिचोली क्षेत्र के ही ग्राम चुनागोसाई में सोमवार रात तेज वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से सुखदेव (45), उनकी पत्नी गीता (40), पुत्र नैतिक (14) तथा पुत्री संध्या (16) बुरी तरह झुलस गए। बिजली उनकी छत पर गिरी थी, जो उसे फाड़ते हुए नीचे तक पहुंच गई। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।