
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। इस बार परिणाम जल्द घोषित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने परीक्षा के साथ-साथ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी शुरू कर दिया है। 22 फरवरी से पहला चरण शुरू हुआ है, जिसमें करीब 30 लाख उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। मंडल का लक्ष्य है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि मई के पहले सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित किया जाना संभव हो सके।
इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। विद्यार्थियों को प्रश्न के जवाब में हर स्टेप के लिए अंक दिए जा रहे हैं, ताकि यदि किसी प्रश्न का अंतिम उत्तर गलत भी हो, लेकिन प्रक्रिया सही हो, तो उनके प्रयास के अनुसार अंक मिल सकें। साथ ही उत्तरपुस्तिकाओं की सैंपलिंग भी कराई जा रही है, जिससे मूल्यांकन की गुणवत्ता और निष्पक्षता बनी रहे। बता दें, कि माशिमं के अनुसार प्रदेशभर में करीब 16 लाख विद्यार्थियों की सवा करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है।
पहले चरण में अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, इतिहास, कृषि और विज्ञान विषयों की कॉपियों की जांच की जा रही है। वहीं तीन मार्च से दूसरे चरण का मूल्यांकन शुरू होगा। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर परिणाम मिल सके और जरूरत पड़ने पर वे दूसरी परीक्षा की तैयारी भी कर सकें। इस साल मई में रिजल्ट घोषित करने का लक्ष्य है, क्योंकि जुलाई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होनी है।
वहीं 12वीं के भौतिकी विषय के प्रश्नपत्र में दो प्रश्न सिलेबस के बाहर पूछे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मंडल ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए सभी विद्यार्थियों को दो अंक बोनस देने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार सेट-ए में प्रश्न क्रमांक एक का भाग-ए त्रुटिपूर्ण था, जिसके लिए सभी विद्यार्थियों को एक अंक बोनस दिया जाएगा। वहीं प्रश्न क्रमांक पांच का भाग-ए सिलेबस से बाहर का था, जिसके लिए भी एक अंक बोनस दिया जाएगा। इस प्रकार सभी सेट के विद्यार्थियों को कुल दो अंक बोनस दिए जाएंगे।
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मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए राजधानी में मॉडल स्कूल टीटी नगर को समन्वयक केंद्र बनाया गया है। यहां सीसीटीवी की निगरानी में मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इसके अलावा शिक्षकों की उपस्थिति अब मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। एप में उपस्थिति दर्ज किए बिना शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए उत्तरपुस्तिकाएं नहीं दी जाएंगी। निरीक्षण दल भी एप आधारित डाटा से मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी करेंगे। इस वर्ष शिक्षकों को प्रतिदिन 45 से 60 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। हर स्टेप पर विद्यार्थियों को अंक दिए जाएंगे।साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी आनलाइन की जाएगी। बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।