
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सरदार सरोवर परियोजना के डूब में आने से विस्थापितों को सरकार ने आवासीय भूखंड दिए थे लेकिन इनकी रजिस्ट्री नहीं होने से प्रभावितों को न तो मालिकाना हक मिला था और न ही ऋण आदि की सुविधा मिल पा रही थी। 25-30 साल से प्रभावित इससे परेशान थे। प्रकरण न्यायालय भी पहुंचे। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में विस्थापितों के पक्ष में रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस पर जो छह सौ करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, वह सरकार वहन करेगी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किए गए आवासीय भूखंडों का पंजीयन निश्शुल्क कराए जाने का निर्णय लिया है। इसका लाभ मनावर, धरमपुरी, कुक्षी, धार, बड़वानी, राजपुर, कसरावद और महेश्वर विधानसभा क्षेत्र के 25 हजार दो विस्थापितों को मिलेगा। इसमें अधिकतर आदिवासी परिवार हैं। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण करेगा। बैठक में मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति दी गई।
संबल सहित छह विभागों की दस योजनाओं को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी कैबिनेट की बैठक में दी गई। इसमें मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना संबल भी शामिल है, जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है। योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, पशु पालन एवं डेयरी विभाग डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6,472 करोड़, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24.70 करोड़ और पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए स्वीकृति दी गई।
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बैठक में मैहर एवं कटनी जिले में दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। 53 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत वाली मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना से 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र के नौ ग्राम के 2,810 कृषक लाभांवित होंगे। इसी तरह 566 करोड़ 92 लाख रुपये कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना से बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 किसानों को लाभ होगा। 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।