
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में करीब 1.29 लाख विद्यार्थी पांचवीं-आठवीं की वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ऐसे विद्यार्थियों को पास होने का एक और मौका देने जा रहा है। इसके लिए पुनः परीक्षा का आयोजन एक जून से छह जून के बीच होना है।
इसके प्रश्नपत्र राज्य शिक्षा केंद्र तैयार कर केंद्रों को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और समय-सारिणी जारी कर दी है। तय हुआ है कि पुनः परीक्षा के तैयार प्रश्नपत्र ईमेल से परीक्षा केंद्रों तक भेजे जाएंगे।
केंद्राध्यक्ष विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार प्रश्नपत्र को डाउनलोड कर प्रिंट कराकर वितरित करेंगे। परीक्षा केंद्र उन्हीं स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां कंप्यूटर या लैपटॉप, प्रिंटर, इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो। साथ ही बिजली व पानी की व्यवस्था भी अनिवार्य है। जिला परियोजना समन्वयक को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल अधिकारी बनाया गया है। 15 मई तक केंद्रों का निर्धारण करना जरूरी है।
तय दिशा-निर्देशों में भाषा चयन को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यदि विद्यार्थी प्रथम भाषा के रूप में हिंदी, उर्दू या मराठी का चयन करता है, तो द्वितीय भाषा अंग्रेजी रखना अनिवार्य होगा। वहीं, यदि प्रथम भाषा अंग्रेजी चुनी जाती है, तो द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी लेना जरूरी होगा।
राज्य शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट किया है कि पुनः परीक्षा में भी यदि विद्यार्थी न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिलेगा। ऐसे छात्रों को उसी कक्षा में दोबारा अध्ययन करना होगा। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए अतिरिक्त समय देकर पढ़ाई कराएं। अभ्यास सत्र, विषयवार मार्गदर्शन और नियमित टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत की जाएगी, ताकि वे पुनः परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
5वीं व 8वीं की पुनः परीक्षा की तैयारी कर ली गई है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि विशेष कक्षाएं लगाकर बच्चों की तैयारी कराएं। – डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र