'भाजपा वाले खुशफहमी न पालें', इस्तीफा देने के बाद हेमंत कटारे का बड़ा बयान, कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर लगाया विराम
विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे द्वारा शुक्रवार को पद से त्याग पत्र देने के बाद तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं। यह भी चर्चा थी कि वह भाजपा ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Feb 2026 11:58:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Feb 2026 11:58:08 PM (IST)
उपनेता प्रतिपक्ष से इस्तीफा देने वाले हेमंत कटारे।HighLights
- उपनेता प्रतिपक्ष से इस्तीफा देने वाले हेमंत कटारे।
- इस्तीफा चर्चाओं के बीच हेमंत कटारे ने साफ की स्थिति।
- सदन में भ्रष्टाचार की परतें खोलने की दी चुनौती।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे द्वारा शुक्रवार को पद से त्याग पत्र देने के बाद तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं। यह भी चर्चा थी कि वह भाजपा में जा सकते हैं। कारण, त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने फोन बंद कर लिया था। प्रदेश पदाधिकारियों से भी उनका संपर्क नहीं हो पाया। इस बीच शनिवार सुबह उन्होंने इंटरनेट मीडिया एक्स पर संदेश पोस्ट कर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने लिखा, कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है। और हां… मेरे फोन न उठाने पर कृपया भारी-भरकम कयास न लगाएं। शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि मेरा मूलभूत और संवैधानिक अधिकार भी है। कभी-कभी नेता भी इंसान होता है। उन्होंने आगे लिखा कि अब जरा ध्यान से सुन लो भाजपाइयों, ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं है।
सोमवार से सदन में पूरी तैयारी, पूरे दस्तावेज और पूरी ताकत के साथ उपस्थित रहूंगा। चाहे मुद्दा गोमांस का हो, इंदौर के भागीरथपुरा का हो, शंकराचार्य जी के अपमान का हो, या जहरीली हवा-दवा-पानी और सरकार के भ्रष्टाचार का, हर विषय पर तर्क, प्रमाण और जनता की आवाज के साथ आपके भ्रष्टाचार की परतें खोलूंगा, क्योंकि मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों के प्रश्न पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि एआइसीसी ने उन्हें उप नेता प्रतिपक्ष बनाया था, उनके त्याग पत्र पर भी वही निर्णय लेगी। उधर, यह भी चर्चा है कि विधानसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर उनका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से सामंजस्य नहीं बन पा रहा था।