खेतों में मौत बनकर झूल रहे बिजली के तार, MP में दो साल में करंट से 615 लोगों की मौत
मध्य प्रदेश में जर्जर बिजली ढांचे से दो वर्षों में 1,258 जानलेवा हादसे हुए। इनमें 615 लोगों और 643 मवेशियों की मौत हुई, जबकि 178 लोग गंभीर घायल हुए।
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 09:36:08 AM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 09:36:08 AM (IST)
MP में बिजली के जर्जर ढांचे की कीमत लोगों को चुकानी पड़ रही है। (एआई जनरेटेड)HighLights
- दो वर्षों में बिजली हादसों से 615 लोगों की मौत।
- हादसों में 643 मवेशियों की भी जान गई।
- कुल 1,258 जानलेवा बिजली हादसे दर्ज किए गए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: प्रदेश में बिजली के जर्जर ढांचे की कीमत लोगों और मवेशियों को जान देकर चुकानी पड़ रही है। गांवों की आबादी और खेत-खलिहानों में झूलते तार, टूटे पोल और कम ऊंचाई पर गुजर रही बिजली लाइनें लगातार हादसों का कारण बन रही हैं।
दो वर्षों में 1,258 जानलेवा हादसे दर्ज
- नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 में बिजली से जुड़े जानलेवा हादसों में 615 लोगों और 643 मवेशियों की मौत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इन दो वर्षों में कुल 1,258 जानलेवा हादसे दर्ज किए गए। इनमें 295 लोगों की मौत वर्ष 2023-24 और 320 लोगों की मौत वर्ष 2024-25 में दर्ज हुईं। वहीं 178 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के ऊपर से गुजर रही 11 और 33 केवी लाइनें विशेष रूप से खतरा बनी हुई हैं। बारिश, आंधी और तेज हवा के बाद झुके पोल और नीचे आए तारों से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल हादसों में अनुमानित 65 से 70 प्रतिशत घटनाएं गांवों और खेत-खलिहानों में बिजली ढांचे से जुड़ी समस्याओं से संबंधित बताई गई हैं। बिजली कंपनी की अनदेखी से लगातार जा रही जान
- सीहोर के सामाजिक कार्यकर्ता एमएस मेवाड़ा बताते हैं कि पिछले दो माह में बिजली के झूलते तारों के कारण उनके क्षेत्र में ही पांच से अधिक हादसे हो चुके हैं।
- इनमें लोगों की जान तक गई है। कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर अपाहिज हो गए। खेतों में झूलते तारों की चपेट में आकर मवेशी भी लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। बार बार शिकायतों के बाद भी बिजली कंपनी की ओर से समस्या के स्थायी समाधान की कोई कोशिश होती नहीं दिख रही है।
कृषि मंत्री के बंगले पहुंचकर मांगा न्याय
- 18 जून को सीहोर जिले के ग्राम बड़बेली में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से किसान सतीश मेवाड़ा झुलस गए। जांच में सामने आया कि आंधी के बाद डीपी पोल झुक गया था। इससे 11 केवी लाइन का एक तार जमीन से करीब छह फीट की ऊंचाई पर झूलने लगा।
- घटना के समय सतीश मेवाड़ा खेत में खाद डाल रहे थे। दोपहर करीब दो बजे वह झूलते तार की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। पिछले दिनों किसान के स्वजन उसे ठेले पर रखकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के बंगले पहुंच गए थे।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर में अलग-अलग जगह पर साइबर ठगी की वारदात, गैस कनेक्शन से लेकर क्रेडिट कार्ड तक हुई कई लाख की ठगी