• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

एमपी में 15 जून से होंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले? पुलिस-पटवारी समेत इन विभागों की लिस्ट तैयार

मप्र शासन द्वारा हर साल की तरह इस बार भी जून में 15 जून तक ट्रांसफरों से बैन हटाया गया है। जिसके तहत इस अवधि में स्वैच्छिक से लेकर प्रशासनिक स्तर तक क...और पढ़ें

By Rajesh SharmaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 14 Jun 2026 08:11:49 PM (IST)Updated Date: Sun, 14 Jun 2026 08:11:49 PM (IST)
  • Join करें
एमपी में 15 जून से होंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले? पुलिस-पटवारी समेत इन विभागों की लिस्ट तैयार
एमपी में 15 जून से होंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले? (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)

HighLights

  1. प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप के अनुमोदन के बाद सूची निकलना होगी शुरू
  2. स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक और स्वैच्छिक आदेश 28 जून के बाद होंगे जारी
  3. जिले के छह प्रमुख जनप्रतिनिधियों की पसंद-नापसंद से तय होगी पदस्थापना

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए सरकार द्वारा हटाए गए बैन के बाद प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर लिस्टें बनवाने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष जमा करा दी हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग को छोड़कर बाकी विभागों की सूचियां आज से जारी होना शुरू हो सकती हैं, जबकि शिक्षा विभाग की लिस्टें 28 जून के आसपास निकलने का अनुमान है।

जानकारी के मुताबिक, मप्र शासन द्वारा हर साल की तरह इस बार भी जून में 15 जून तक ट्रांसफरों से बैन हटाया गया है। जिसके तहत इस अवधि में स्वैच्छिक से लेकर प्रशासनिक स्तर तक कर्मचारियों के ट्रांसफर किए जाने हैं। जो कर्मचारी पसंदीदा स्थानों पर जाना चाहते हैं उन्हें भी बैन हटने का बेसब्री से इंतजार था। जबकि जिन्हें बेवजह यहां से वहां करने की आशंका है उन्हें डर सता रहा है।


जैसे ही ट्रांसफरों से बैन हटा तो पसंदीदा स्थानों पर पदस्थ होने के लिए बाट जोह रहे अधिकारी-कर्मचारियों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधते हुए अपने-अपने नाम प्रशासनिक लिस्टों में दिलवाने का प्रयास किया है। जबकि कई ऐसे अधिकारी-कर्मचारी हैं, जिन्हें जनप्रतिनिधि इधर से उधर करेंगे, वह बचने के लिए संपर्क साधे हुए हैं। उन सभी की लिस्टें तैयार होने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप के समक्ष जमा करा दी गई हैं। अब विभागवार लिस्टें निकलने की शुरुआत होगी। शिक्षा विभाग में प्रशासनिक व स्वैच्छिक लिस्टें एक साथ निकाली जाएंगी। इसलिए स्वैच्छिक वालों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। 28 तक पूरी होने पर एक साथ आदेश निकाले जाएंगे।

तृतीय श्रेणी, बाबू व कई विभागों के ट्रांसफर प्रभारी मंत्री की अनुशंसा से

जो नियम है उसके मुताबिक तृतीय श्रेणी कर्मचारी, प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग के बाबू, पटवारी, बड़े पुलिस अधिकारी छोड़कर अन्य पुलिसकर्मी, कृषि विभाग के ग्राम सेवक, लोनिवि, जनपदों के बाबू व तृतीय श्रेणी कर्मचारी, सहकारिता के कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सचिव आदि के ट्रांसफर विधायकों, सांसद या अन्य महत्वपूर्ण नेताओं की अनुशंसा पर प्रशासनिक होने हैं। इसके लिए जो लिस्टें बनाई हैं उनका अनुमोदन प्रभारी मंत्री द्वारा किया जाएगा। इसके बाद लिस्टें निकलना शुरू होंगी।

बड़े पदों के ट्रांसफर विभागीय मंत्री स्तर से होंगे, नोटशीटें भेजीं

बड़े पदों के ट्रांसफर जिले से न होकर विभागीय मंत्री ही कर सकेंगे। शिक्षा विभाग में प्रावि शिक्षक छोड़कर बाकी मावि शिक्षक, लेक्चरर सहित अन्य सभी के ट्रांसफर शिक्षा मंत्री ही करेंगे। निकायों के ट्रांसफर नगरीय प्रशासन मंत्री करेंगे। जबकि अन्य विभागों के एसडीओ, इंजीनियर, द्वितीय श्रेणी कर्मचारी, बिजली कंपनी, कॉलेजों के प्राध्यापकों के ट्रांसफर भी विभागीय मंत्री स्तर से ही हो सकेंगे।

हालांकि, उसके लिए नामों की सूचियों विधायकों, सांसदों के माध्यम से ही नोटशीट के साथ विभागीय मंत्री के यहां प्रस्तुत कर दी गई हैं। वह ट्रांसफर नोटशीटों के आधार पर भोपाल से होंगे।

इन छह नेताओं की अनुशंसा रहेगी आधार

जिले में ट्रांसफरों के लिए मुख्य रूप से छह नेताओं की अनुशंसा ही काम करेगी। जिसमें सांसद रोडमल नागर, मंत्री नारायणसिंह पंवार, मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक मोहन शर्मा, अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी व भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर शामिल हैं। इन्हीं छह नेताओं की सूचियों में नाम होने पर ही प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे।

नेताओं का इशारा ही तय करेगा सजा

जिन कर्मचारियों के कामकाज से स्थानीय नेता खुश नहीं हैं उन्हें इधर से उधर करने के लिए भी इन छह नेताओं का इशारा ही काम करेगा। बताया जा रहा है कि हर विधानसभा क्षेत्र में कुछ-कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिनसे जिम्मेदार नेता खुश नहीं हैं। ऐसे में उन कर्मचारियों के न चाहने के बावजूद उन्हें अपने-अपने क्षेत्र से हटाने की योजना है। उन्हें भी नेताओं की अनुशंसा से ही हटाया जाएगा।

यह है ट्रांसफर के तय मापदंड

  • जिन विभागों में कर्मचारियों की संख्या 200 तक है उनमें अधिकतम 20 प्रतिशत के ट्रांसफर हो सकेंगे।
  • जिन विभागों में कर्मचारियों की संख्या 201 से 1000 तक है उनमें 15 प्रतिशत कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे।
  • जिन विभागों में कर्मचारियों की संख्या 1001 से 2000 तक है उनमें 10 प्रतिशत कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे।
  • जिन विभागों में कर्मचारियों की संख्या 2001 से अधिक है, उनमें 05 प्रतिशत कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे।

सर्वाधिक कर्मचारियों की संख्या वाले विभाग

  • शिक्षा विभाग
  • पुलिस
  • राजस्व में पटवारी
  • पंचायत एवं ग्राम विकास विभाग में पंचायत सचिव
  • कृषि विभाग में ग्राम सेवक

यह भी पढ़ें- MP New Transfer Policy: एक सप्ताह बढ़ सकती है तबादलों की अवधि, अधिकांश विभागों की तैयारी अधूरी