MP में स्वास्थ्य विभाग का वेतन को लेकर नया नियम, अंगूठा लगाने पर ही एनएचएम कर्मचारियों को मिलेगा मानदेय
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने संविदा कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 06:40:18 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 06:40:18 PM (IST)
MP में स्वास्थ्य विभाग में वेतन का नया नियमHighLights
- मध्यप्रदेश में अब बायोमेट्रिक आधार सत्यापन के बाद ही होगा भुगतान
- 1 अप्रैल 2026 से नई व्यवस्था लागू, 25 मार्च तक पंजीकरण जरूरी
- करीब 1.5 लाख संविदा और आशा कर्मियों की भुगतान प्रणाली पर असर
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने संविदा कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब मानदेय और अन्य आर्थिक लाभ केवल आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए ही दिए जाएंगे। यानी कर्मचारियों को अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करना होगा, तभी भुगतान का विवरण कोषालय तक भेजा जाएगा।
नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। इसके लिए एनएचएम ने 25 मार्च 2026 तक सभी संबंधित कर्मचारियों का पंजीकरण पूरा करने की समयसीमा तय की है।
‘एसएनए स्पर्श पोर्टल’ पर करना होगा पंजीकरण
एनएचएम ने निर्देश दिए हैं कि सभी संविदा कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता और आशा पर्यवेक्षक एसएनए स्पर्श पोर्टल पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराएं। इसके लिए एक विशेष आधार गेटवे एप्लीकेशन तैयार की गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर लगाकर या अन्य माध्यमों से पंजीकरण प्रक्रिया समय पर पूरी करें, ताकि अप्रैल से भुगतान में कोई बाधा न आए।
प्रदेश में लगभग 80 हजार आशा कार्यकर्ता और करीब 30 हजार संविदा कर्मचारी एनएचएम के तहत कार्यरत हैं। इसके अलावा लगभग 25 से 30 हजार संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी भी समय-समय पर इस व्यवस्था से जुड़े रहते हैं।
फर्जी उपस्थिति के बाद लिया गया फैसला
कुछ महीनों पहले भोपाल सहित कई जिलों में फर्जी पहचान के साथ ऐप में उपस्थिति दर्ज कराने के मामले सामने आए थे। कई कर्मचारियों की उपस्थिति सिस्टम में दर्ज थी, जबकि वे कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया।
एनएचएम के वित्त संचालक वीरभद्र शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार अब सभी संविदा स्टाफ, आशा कार्यकर्ता और हितग्राहियों का भुगतान आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से किया जाएगा। इसके लिए सभी अधिकारियों को 25 मार्च तक पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।