• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP OT Technician Recruitment: पहली रैंक वालों को भी नहीं मिली नौकरी, 11 दिन से धरना, भूख हड़ताल शुरू; नियुक्ति पत्र पर सरकार घिरी

एमपी के चयनित ओटी टेक्नीशियन 11 दिनों से नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर धरने पर हैं। निजी कॉलेजों के अभ्यर्थियों को बाहर किए जाने पर भूख हड़ताल शुरू कर...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 08:06:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 08:07:15 PM (IST)
MP OT Technician Recruitment: पहली रैंक वालों को भी नहीं मिली नौकरी, 11 दिन से धरना, भूख हड़ताल शुरू; नियुक्ति पत्र पर सरकार घिरी
अस्पतालों के लिए कर्मचारी चयन मंडल की ग्रुप-पांच भर्ती परीक्षा में चयनित आंदोलन कर रहे हैं।

HighLights

  1. चयनित ओटी टेक्नीशियन 11 दिनों से भोपाल में धरने पर।
  2. पांच अभ्यर्थियों ने नियुक्ति मांगते हुए भूख हड़ताल शुरू की।
  3. 288 पदों पर भर्ती, 160 से अधिक नियुक्तियां अटकीं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए कर्मचारी चयन मंडल की ग्रुप-पांच भर्ती परीक्षा में चयनित आपरेशन थियेटर (ओटी) टेक्नीशियन पिछले 11 दिनों से भोपाल में जोरदार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थी जेपी अस्पताल परिसर स्थित स्वास्थ्य संचालनालय कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को तेज करते हुए पांच अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

आंदोलनरत अभ्यर्थियों की एक ही मुख्य मांग है कि दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षण और जिला आवंटन पूरा होने के बावजूद रोके गए उनके नियुक्ति पत्र तुरंत जारी किए जाएं। उनका कहना है कि छठवें वेतनमान के तहत 25,000 रुपये मासिक मानदेय की इस नौकरी के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत कर मेरिट में स्थान हासिल किया है, इसलिए सरकार उनके साथ भेदभाव बंद करे।


288 पदों पर निकली थी भर्ती, निजी कॉलेजों के छात्रों से भेदभाव

  • दरअसल, 2025 में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओटी टेक्नीशियन के 288 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। परीक्षा और मेरिट सूची के बाद जब नियुक्ति की बारी आई, तो सरकार ने केवल सरकारी कालेजों से पढ़े 65 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी, जबकि निजी कालेजों से पढ़े अभ्यर्थियों को यह कहकर बाहर कर दिया कि उनकी डिग्री-डिप्लोमा मान्य नहीं है।
  • इधर स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया है कि शुरुआती भर्ती ड्राफ्ट में किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा धारक को पात्र माना गया था। बाद में किसी स्तर पर बिना स्पष्ट नियम के ड्राफ्ट में बदलाव कर दिया गया, जिससे 160 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति आखिरी वक्त पर अटक गई।

  • अब विभाग इस चूक को सुधार कर नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी कर रहा है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कह रहा है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक मनोज पुष्प ने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में है। ड्राफ्ट में हुई त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया जारी है। बहुत जल्द इसका स्थायी समाधान निकालकर सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र लेटर जारी कर दिए जाएंगे।
  • इनका कहना है

    मैंने अपनी श्रेणी में पूरे प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है। इसके बावजूद नियुक्ति पत्र पाने के लिए मुझे सड़कों पर बैठकर भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। यह योग्य छात्रों के साथ सरासर नाइंसाफी है। - मालती हिंगवे (बैतूल)

    जब शासन ने सरकारी और निजी दोनों संस्थानों को पढ़ाई कराने की मान्यता दे रखी है, तो फिर हमारी डिग्री अमान्य कैसे हो सकती है? समान परीक्षा पास करने के बाद यह भेदभाव पूरी तरह अनुचित है। - शंकर कनिष्क (खंडवा)

    हमने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा पास की और सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए। अब आखिरी चरण में रोक लगाना हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार बिना देरी किए तुरंत हमारी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे। - निकिता मरावी (मंडला)

    प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियनों के पद खाली पड़े हैं और मरीज परेशान हो रहे हैं। हम योग्य होकर भी बेरोजगार बैठे हैं। जब तक लिखित नियुक्ति नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा। - मनोहर राजपूत (धार)।