
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 प्रक्रिया में पात्रता को लेकर विवाद गहरा गया है। प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफल करीब 300 अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) पहुंचकर प्रदर्शन किया और कार्यालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने मांग की कि वर्ष 2026 तक डीएलएड उत्तीर्ण एवं मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों को भी भर्ती प्रक्रिया में पात्र माना जाए।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्ष 2025 में 13,089 पदों के लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के आवेदन के समय यह स्पष्ट किया गया था कि परिणाम घोषित होने तक आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी होने पर अभ्यर्थी पात्र होंगे, लेकिन परिणाम जारी होने के लगभग एक वर्ष बाद डीपीआई ने 25 अगस्त 2025 को शैक्षणिक योग्यता की कटआफ तिथि मानते हुए करीब 800 सफल अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। इन उम्मीदवारों को डीएलएड की डिग्री निर्धारित तिथि के बाद मिलने के आधार पर अयोग्य माना गया।
सफल अभ्यर्थी अंकुश लिल्हारे ने बताया कि मेरिट सूची में आने के बावजूद बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को अपात्र कर दिया गया है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद नई पात्रता शर्त लागू करना नियमों के विपरीत है। अभ्यर्थियों ने ईएसबी की नियम पुस्तिका के अध्याय-1 के क्लाज-3 का हवाला देते हुए दावा किया कि आवेदन पत्र में उल्लिखित शर्तों का ही पालन किया जाना चाहिए।