
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर शहर में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उनका निराकरण नहीं किया जा रहा, बल्कि बिल जमा कराने के लिए बिजली आपूर्ति तक बंद की जा रही है।
सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए गए। विरोध करने पर कुछ मामलों में उपभोक्ताओं की गैरहाजिरी में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऐसे मामले केवल एक कॉलोनी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार सामने आ रहे हैं।
अवधपुरी स्थित सयुमा अपार्टमेंट निवासी रेणु मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष उनका बिजली बिल करीब तीन हजार रुपये तक आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद इस बार बिल बढ़कर 6700 रुपये से अधिक पहुंच गया। उन्होंने दस दिन पहले ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि बिल जमा नहीं करने पर बिजली कात दी गई। मजबूरी में मंगलवार शाम को पूरा बिल जमा करने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
इसी अपार्टमेंट की गरिमा दुबे अरोरा ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में उनका बिजली बिल लगभग दोगुना से ज्यादा हो गया। शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उनके घर की बिजली भी काट दी गई। उन्होंने अधिकारियों से उपभोक्ता अधिकारों का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद बिजली दोबारा चालू की गई।
उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में 20 से अधिक लोगों ने बढ़े हुए बिलों की शिकायत की थी, लेकिन किसी का भी समय पर निराकरण नहीं हुआ। जब लोगों ने विवादित बिल जमा नहीं किए तो कई घरों की बिजली काट दी गई।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि पिछले कुछ महीनों से शहर में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कई लोगों ने विरोध दर्ज कराया, इसके बावजूद उनकी सहमति के बिना मीटर बदल दिए गए। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिए गए, जिसकी जानकारी उन्हें बाद में मिली।
यह भी पढ़ें- एमपी के नाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड, देश में पहली बार एक साथ 12 फसलों को मिला GI टैग, स्वाद और कृषि क्षेत्र में बजा डंका
जिस प्रकार उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वह कानून का उल्लंघन है। यदि उपभोक्ता घर पर न हो और बिना बताए उसका मीटर बदल दिया जाए तो यह एक तरह का फ्रॉड है। उपभोक्ता की शिकायत लंबित होने पर बिजली काटना भी उचित नहीं है। - वरुण शर्मा, अधिवक्ता।
उपभोक्ता बिल जमा कर दें, विवादों का निस्तारण किया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं के बिलों का निस्तारण किया भी गया है। - प्रदीप सिंह चौहान, जीएम, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल।