
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया भोपाल। प्रदेश में भोपाल ईस्टर्न बायपास से लेकर सात नई सड़कें हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर बनाई जाएंगी। इनकी लागत 18,675 करोड़ रुपये आएगी। सड़क विकास निगम ने इसका प्रस्ताव राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति को भेजा है।
इस मॉडल में सरकार कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा देगी। वहीं, डेवलपर का हिस्सा 60 प्रतिशत रहेगा। इसकी व्यवस्था कंपनी को अपने स्तर पर करनी होगी।
बता दें कि हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) बुनियादी ढांचा विकास, विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा अपनाया गया एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल है।
इसे जनवरी 2016 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा पेश किया गया था, ताकि निजी निवेशकों के जोखिम को कम किया जा सके और रुकी हुई परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके।
सड़क निर्माण के लिए सरकार और निजी कंपनियों के बीच इस पीपीपी मॉडल के तहत निर्माण का वित्तीय जोखिम अकेले सरकार या कंपनी पर नहीं होता, बल्कि दोनों के बीच बंट जाता है। इस मॉडल को अब मप्र सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) अपनी परियोजनाओं में अपना रहा है।
इस मॉडल से सड़क बनकर तैयार होने के बाद उस पर टोल टैक्स वसूलने का अधिकार निजी कंपनी के पास नहीं होगा। टोल वसूलने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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निजी कंपनी ने जो 60 प्रतिशत पैसा निवेश किया था, उसकी भरपाई सरकार परियोजना पूरी होने के बाद अगले 15 से 20 वर्षों तक नियमित छमाही किस्तों के रूप में ब्याज सहित करेगी। इसके साथ ही सड़क के रखरखाव का खर्च भी सरकार द्वारा तय शर्तों के अनुसार दिया जाता है।
| परियोजना | लंबाई (किमी) | एए लागत (करोड़ रुपये) | सिविल लागत (करोड़ रुपये) |
| कटनी-दमोह फोर लेन | 107.65 | 4126.20 | 1745.67 |
| ईस्टर्न भोपाल बायपास छह लेन | 51.86 | 3916.73 | 1628.18 |
| सिवनी बालाघाट फोर लेन | 91.64 | 3259.59 | 1421.26 |
| देवास चापड़ा टू लेन | 40.65 | 715.01 | 270.86 |
| मेलुआ चौराहा से मालथौन फोर लेन | 67.12 | 2562.36 | 1096.19 |
| तिलवारी हरदी जनकपुरी टू लेन | 47.32 | 1662.71 | 747.82 |
| मंदसौर सीतामऊ फोर लेन | 83.48 | 2432.26 | 983.05 |