
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश एवं ओलावृष्टि हो रही है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ईसागढ़ में 20, ओरछा में 19, जावरा में 18, पिपलोदा में 16, मऊ, नरवर, पलेरा, मोहनगढ़ में 14, आगर में 13, दतिया में 12.2, लिधौरा में 12, डबरा, जतारा में 11, नौगांव में 10.2, पृथ्वीपुर, आलोट, शिवपुरी में छह, गुना में 5.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
ग्वालियर, निवाड़ी, छतरपुर एवं दतिया जिले में कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। सुबह के समय ग्वालियर में अति घना कोहरा एवं भोपाल में घना कोहरा रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार को अधिकतर जिलों में कोहरे का प्रभाव रहने की संभावना है। जबलपुर, रीवा एवं शहडोल संभाग के जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि शेष क्षेत्रों में रात के तापमान में कुछ गिरावट भी हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान एवं उससे लगे पंजाब पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके साथ एक द्रोणिका भी संबद्ध है। इसके प्रभाव से एक प्रेरित चक्रवात उत्तर-पूर्वी पंजाब एवं उसके आसपास बना हुआ है।
उत्तर-पूर्वी भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 240 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। इसके अतिरिक्त एक नए पश्चिमी विक्षोभ के गुरुवार से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि वातावरण में नमी रहने के कारण बादल बने हुए हैं। हालांकि हवाओं का रुख उत्तर होने से रात के तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है। बुधवार को रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में बारिश होने के आसार हैं। कोहरे का प्रभाव भी अधिकतर शहरों में बना रह सकता है। गुरुवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है। इस वजह से अभी दो-तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।