
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के शहर इस समय भट्टी की तरह तप रहे हैं और सूरज की तपिश लोगों को बेहाल कर रही है। बुधवार को छतरपुर जिले का ऐतिहासिक पर्यटन स्थल खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां पारा रिकॉर्ड 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मई के महीने में खजुराहो में अब तक का यह सबसे उच्चतम तापमान है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
खजुराहो के बाद नौगांव प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के करीब 16 शहरों में इस समय पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है।
बुधवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप देखा गया, जहां तापमान कुछ इस प्रकार दर्ज हुआ...
अगर मध्य प्रदेश के 5 बड़े महानगरों की बात करें, तो जबलपुर में सबसे ज्यादा तपिश महसूस की गई। यहां अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 44.3 डिग्री, भोपाल में 42.6 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.1 डिग्री सेल्सियस पारा रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग ने एक तरफ जहां अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और तीव्र लू (Heat Wave) की चेतावनी जारी की है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों के लिए राहत और सतर्कता का मिलाजुला अलर्ट भी दिया है। खरगोन, दमोह और जबलपुर में रात के समय हल्की गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता के लिए स्वास्थ्य एडवायजरी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि दिन में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप और गर्मी का असर सबसे घातक रहता है।
राजधानी भोपाल में मई के महीने में तेज गर्मी के साथ-साथ बारिश होने का एक पुराना ट्रेंड रहा है। भोपाल में मई के महीने का अब तक का ऑल-टाइम रिकॉर्ड साल 2016 में 46.7 डिग्री सेल्सियस रहा था। दिलचस्प बात यह है कि साल 2014 से 2023 तक हर साल मई के महीने में भोपाल में बारिश दर्ज की गई है; खासकर 2021 और 2023 में तो 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार भी मई के अंत तक शहर में तेज गर्मी के बीच बारिश होने का अलर्ट बना हुआ है।
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