
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मंगलवार-बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद एक बार फिर ठंडी हवाएं प्रबल हैं। उनके प्रभाव से जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार- गुरुवार की दरमियानी रात मंदसौर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस समय सबसे कम है।
इसके साथ ही मालवा अंचल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना रहा। इसके कई जिलों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह तक जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश हुई है।
गुरुवार को धार और रतलाम में शीतल दिन रहा। शहडोल में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री, इंदौर में 8.2 डिग्री, भोपाल में 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 10.8 डिग्री और जबलपुर में 13.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
ग्वालियर, रीवा, दतिया के अधिकांश हिस्सों में गुरुवरा को सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कई स्थानों पर 200 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ा।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद साफ आसमान ठंड को और तीखा बना रहा है। खासकर रात के समय विकिरणीय शीतलन के कारण तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है। मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मंदसौर, नीमच, रतलाम और शहडोल जैसे जिलों में पाले का खतरा बढ़ गया है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को हल्की सिंचाई और धुएं की व्यवस्था जैसे बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि शुक्रवार को भी तापमान में बहुत राहत की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने से न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा।
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घने कोहरे की चेतावनी है। शेष जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा होगा।