
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में एक मई से ग्रीष्मावकाश शुरू हो चुका है, लेकिन इस दौरान भी शिक्षकों को विभिन्न शासकीय कार्यों में लगाया जा रहा है। जनगणना, निर्वाचन और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए समय-समय पर शिक्षकों की ड्यूटी लग रही है।
ऐसे शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो शिक्षकों को अर्जित अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा। एक मई से प्रदेश के करीब 70 फीसद शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है। वहीं सात मई से मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, इसमें भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने पहली बार नया निर्देश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, ग्रीष्मावकाश के दौरान ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य होगा।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि संबंधित शिक्षक 'हमारे शिक्षक एप' के माध्यम से अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थिति दर्ज करें। वहां पर सेल्फी लेकर शिक्षकों को एप पर अपलोड करना होगा। बता दें कि अभी तक स्कूलों में 90 फीसद शिक्षक अपनी उपस्थिति को 'हमारे शिक्षक एप' से दर्ज करा रहे हैं।
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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल वही शिक्षक अर्जित अवकाश के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज की हो। बिना ई-अटेंडेंस के किसी भी प्रकार का अवकाश लाभ नहीं दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। शिक्षक अपने कार्यस्थल पर जाकर आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएंगे। - अभिषेक सिंह, आयुक्त, डीपीआइ