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एमपी तबादला नीति में नया पेंच, टीचर पति-पत्नी के ट्रांसफर के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी, पोर्टल पर अटके हजारों आवेदन

विभाग ने पति अथवा पत्नी के कार्यस्थल के निकट स्थानांतरण चाहने वाले दंपती के लिए विवाह का पंजीयन प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है।

By Anjali raiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 07:13:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 07:13:04 PM (IST)
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एमपी तबादला नीति में नया पेंच, टीचर पति-पत्नी के ट्रांसफर के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी, पोर्टल पर अटके हजारों आवेदन
शिक्षक दंपति के तबादले में विवाह पंजीयन अनिवार्य। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. शिक्षकों के तबादलों पर शिक्षा विभाग की नई शर्त
  2. दंपति के ट्रांसफर के लिए मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य
  3. पुराने दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी पोर्टल ने किए रिजेक्ट

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादलों पर लगी एक नई शर्त सामने आई है। पता चला है कि विभाग ने पति अथवा पत्नी के कार्यस्थल के निकट स्थानांतरण चाहने वाले दंपती के लिए विवाह का पंजीयन प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है। वहीं दिव्यांग शिक्षकों से एक साल के भीतर बना दिव्यांगता प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र की अनिवार्यता वाली शर्त पहली बार आई है, ऐसे में अधिकांश शिक्षक आवेदन ही नहीं कर पाए। कुछ लोग मंगलवार को आवेदन की अंतिम तिथि तक प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश में लगे रहे।

15-20 वर्ष पहले शादी करने वाले शिक्षकों की बढ़ीं मुश्किलें

शिक्षक संगठनों का कहना है कि अधिकांश शिक्षकों की शादी 15 से 20 वर्ष पहले हुई है। उस समय विवाह पंजीयन की व्यवस्था आम नहीं थी। अब अचानक विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। एक वर्ष के भीतर जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र की मांग से ऐसे शिक्षक भी परेशान हैं, जिनके पास शासन के नियमों के अनुसार निर्धारित अवधि तक वैध प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं।


स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक तबादलों के लिए 20 जून से आवेदन शुरू किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि मंगलवार को थी। आवेदनों के आधार पर 28 से 30 जून के बीच स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने हैं।

केस-1: पोर्टल पर विवाह प्रमाणपत्र अपलोड करने की बाध्यता

छतरपुर जिले में पदस्थ शिक्षक रामप्रकाश सिंह और उनकी पत्नी अलग-अलग जिलों में कार्यरत हैं। पति-पत्नी आधार पर स्थानांतरण के लिए आवेदन करते समय पोर्टल पर विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र अपलोड करने की शर्त आ रही है। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका आवेदन लंबित है।

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केस-2: पांच वर्ष के वैध प्रमाणपत्र को भी पोर्टल ने नहीं किया स्वीकार

शासकीय माध्यमिक विद्यालय सदगुरु कबीर, भोपाल में पदस्थ दिव्यांग शिक्षक अमित नावरे का दिव्यांगता प्रमाणपत्र जनवरी 2022 में पांच वर्ष की वैधता के साथ जारी हुआ था। बावजूद इसके पोर्टल पुराने प्रमाणपत्र को स्वीकार नहीं कर रहा है, जिससे वे दिव्यांग कोटे में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

इस बार 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस, विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र सहित कई नई अनिवार्य शर्तें जोड़ दी गई हैं। इससे स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रहने की संभावना है। नियमों में व्यावहारिक राहत देने और पोर्टल की तकनीकी बाधाओं को दूर करने की मांग की है।- उपेंद्र कौशल, प्रदेश अघ्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन