
अनुज मैना, नवदुनिया, भोपाल। शहर क्षेत्र में चल रही जनगणना के तहत मकानों के सूचीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान भोपाल शहर में 3.82 लाख मकान दर्ज किए गए थे, जबकि वर्तमान जनगणना में अब तक 6.50 लाख से अधिक मकानों की पहचान की जा चुकी है। अधिकारियों का अनुमान है कि 90 प्रतिशत मकान चिह्नित हो चुके हैं। शेष 10 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद यह आंकड़ा सात लाख मकानों तक पहुंच सकता है।
संपत्तियों की संख्या लगभग दोगुनी
इस प्रकार बीते 15 वर्षों में शहर में संपत्तियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। औसतन हर वर्ष करीब 20 हजार नई संपत्तियां शहर में बनी हैं, जो भोपाल के तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और विकास को दर्शाता है।
नगर निगम द्वारा शहर को 3 हजार 284 जनगणना ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। इनमें से 1600 से अधिक ब्लॉकों में मकानों के सूचीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी क्षेत्रों में भी काम तेजी से जारी है।
कई घरों में ताले लगे होने से चक्कर लगा रही है टीम
जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों के अनुसार, एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। हालांकि, शहर में कई लोगों के घरों में ताले लगे मिल रहे हैं, जिससे टीम को इन मकानों के सूचीकरण के लिए परेशान होना पड़ रहा है। टीम को दो से तीन बार एक ही घर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है
जनगणना टीम के अनुसार, मकानों को चिह्नित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। ऐसे में प्रगणक एक से दो बार और इन घरों में जाएंगे। इसके बाद भी घरों पर ताले लगे मिलते हैं तो इन्हें बंद की श्रेणी में डाल दिया जाएगा।
काम पूरा करने वाले प्रगणकों को किया जा रहा सम्मानित
नगर निगम प्रशासन जनगणना कार्य को गंभीरता से ले रहा है। सूचीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चार्ज अधिकारियों, सुपरवाइजर्स और प्रगणकों को सम्मानित किया जा रहा है। वहीं कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। निगम आयुक्त एवं प्रमुख नगर जनगणना अधिकारी संस्कृति जैन अब तक तीन कर्मचारियों को नोटिस जारी कर चुकी हैं।
अधिकारियों का क्या कहना
"जनगणना में मकानों के सूचीकरण का काम अंतिम चरण में चल रहा है। एक से दो दिन में यह काम पूरा हो जाएगा। कई घर बंद मिल रहे हैं। ऐसे में टीम बार-बार इन घरों में जा रही है। यदि आखिर में भी ये घर बंद मिलते हैं तो इन्हें बंद की श्रेणी में डाल दिया जाएगा।"
- हीरेंद्र कुशवाह, नगर जनगणना अधिकारी
यह भी पढ़ें- ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर शुक्रवार को होगी हाई कोर्ट में सुनवाई