
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के पास खाना खाने के लिए या तो घर से लाया हुआ भोजन होता है या फिर स्टेशन और ट्रेन में मिलने वाले खानपान का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाना मिले।
इसके तहत रेलवे केवल अधिकृत वेंडरों को ही खाद्य सामग्री बेचने की अनुमति देता है। उनकी पहचान के लिए आईडी कार्ड और क्यूआर कोड जारी किए जाते हैं। बिना पहचान के सामान बेचने वाले वेंडर यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं, लेकिन इन दिनों भोपाल स्टेशन पर इन नियमों की अनदेखी हो रही है।
रेलवे के नियमों के अनुसार अधिकृत खानपान वेंडरों के लिए ड्यूटी के दौरान फोटोयुक्त आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य है। उन्हें जारी क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी पहचान और वैधता की पुष्टि की जा सकती है। ऐसे में बिना आईडी कार्ड या क्यूआर कोड के काम करते मिलने वाले वेंडरों की जांच कर रेलवे के वाणिज्य विभाग और आरपीएफ को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
यदि किसी यात्री को बिना आईडी कार्ड या क्यूआर कोड वाला वेंडर खाद्य सामग्री बेचता मिले, तो इसकी शिकायत तुरंत रेल मदद (139), आरपीएफ हेल्पलाइन या संबंधित स्टेशन मैनेजर से की जा सकती है।
आईआरसीटीसी के एक अधिकारी के अनुसार भोपाल रेलवे स्टेशन पर खानपान सेवाओं के लिए करीब 130 अधिकृत वेंडर कार्यरत हैं। यदि कोई वेंडर बिना क्यूआर कोड और पहचान पत्र के काम करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई और जुर्माना किया जा सकता है।
आरआर कंपनी के एक वेंडर ने बताया कि वह दो दिन पहले ही ड्यूटी पर आया है, लेकिन उसे अभी तक आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। सवाल है कि रेलवे के वाणिज्य विभाग या आरपीएफ द्वारा इन मामलों पर क्या कार्यवाही की जाती है या सब अपनी मनमानी से स्टेशन पर सामान बेच रहे हैं।
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स्टेशन या ट्रेन में भूख लगने पर यात्री वहीं मौजूद वेंडरों से खाना-पीना खरीदते हैं। ऐसे में उन्हें भरोसा रहता है कि सामान अधिकृत वेंडर ही बेच रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में वेंडरों के बीच असली और अधिकृत वेंडर की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। - गौरव सैन, यात्री
ड्यूटी के दौरान सभी वेंडरों के लिए क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र पहनना अनिवार्य है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन इसकी जांच की जाती है, ताकि केवल अधिकृत वेंडर ही यात्रियों को सेवाएं दें। बिना वैध क्यूआर कोड या आईडी कार्ड के कार्य करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाता है। - ए.के. सिंह, पीआरओ, आईआरसीटीसी