
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादलों के लिए नई शर्त सामने आई है। विभाग ने पति अथवा पत्नी के कार्यस्थल के निकट स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षक के लिए विवाह का पंजीयन प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है।
वहीं दिव्यांग शिक्षकों से एक साल के भीतर बना दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है। विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र की अनिवार्यता वाली शर्त पहली बार आई है, ऐसे में अधिकांश शिक्षक आवेदन ही नहीं कर पाए।
कुछ लोग मंगलवार को आवेदन की अंतिम तिथि तक प्रमाण-पत्र बनवाने में जुटे रहे। शिक्षक संगठनों का कहना है कि अधिकांश शिक्षकों की शादी 15 से 20 वर्ष पहले हुई है।
उस समय विवाह पंजीयन की व्यवस्था आम नहीं थी। अब अचानक विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र अनिवार्य किए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
इस पर लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त अभिषेक सिंह ने मंगलवार देर रात ऐसे शिक्षकों को राहत देते हुए वैकल्पिक दस्तावेज अपलोड करने संबंधी आदेश जारी किया है। इसमें कहा कि विवाह संबंधी दस्तावेज की जगह शिक्षक समग्र कार्ड/सेवा पुस्तिका सत्यापित पृष्ठ या अन्य कोई सुसंगत दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। हालांकि एक वर्ष के भीतर जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र की मांग को लेकर वह शिक्षक परेशान रहे, जिनके पास शासन के नियमों के अनुसार निर्धारित अवधि तक वैध प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं।
बता दें, स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक तबादलों के आवेदन 20 जून से शुरू हुए, मंगलवार को अंतिम तिथि थी। स्थानांतरण आदेश 28 से 30 जून तक जारी होंगे।
इस बार 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस, विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र सहित कई नई अनिवार्य शर्तें जोड़ दी गई हैं। इससे स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रहने की संभावना है। नियमों में व्यावहारिक राहत देने और पोर्टल की तकनीकी बाधाओं को दूर करने की मांग की है।
-उपेंद्र कौशल, प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन मप्र