भोपाल में IB के रिटायर्ड अधिकारी से ₹1.5 लाख की ठगी, फेसबुक पोस्ट देख जाल में फंसे, तीन किश्तों में ट्रांसफर की पूरी रकम
शाहपुरा क्षेत्र में आइबी के रिटायर्ड अधिकारी से डेढ़ लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई। रिटायर्ड अधिकारी ट्रांसफर के बाद सस्ते घरेलू सामान बेचने वाले ठगों ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 10:23:28 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 10:23:28 PM (IST)
भोपाल में IB के रिटायर्ड अधिकारी से ₹1.5 लाख की ठगी।HighLights
- भोपाल में IB के रिटायर्ड अधिकारी से ₹1.5 लाख की ठगी।
- फेसबुक विज्ञापन और परिचित के नाम पर भरोसा किया।
- अधिकारी ने तीन किश्तों में ट्रांसफर कर दी पूरी रकम।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शाहपुरा क्षेत्र में आइबी के रिटायर्ड अधिकारी से डेढ़ लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई। रिटायर्ड अधिकारी ट्रांसफर के बाद सस्ते घरेलू सामान बेचने वाले ठगों के जाल में फंस गए।
उन्हें फेसबुक पर आइबी के ही एक अधिकारी के ट्रांसफर होने पर घरेलू सामान बेचने का विज्ञापन दिखा था, जिसके बाद उन्होंने ठगों से संपर्क किया, फिर ठगों को एडवांस राशि के नाम पर तीन किश्तों में डेढ़ लाख रुपये भेज दिए, बाद में ठगों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया।
फेसबुक विज्ञापन और परिचित के नाम पर भरोसा
शिकायत पर शाहपुरा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार रविंद्र डोंगे शाहपुरा क्षेत्र स्थित महेंद्र कालोनी में रहते हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके परिचित एक अधिकारी के नाम से फेसबुक पर पोस्ट की गई थी, जिसमें लिखा था कि उनका ट्रांसफर हो गया है और वे अपना घरेलू सामान बेच रहे हैं। पोस्ट में एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था।
तीन किश्तों में ट्रांसफर की पूरी रकम
डोंगे ने उस नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह सारा सामान 1,51,500 रुपये में बेच रहा है। परिचित के नाम पर भरोसा करते हुए डोंगे ने पूरी रकम बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। रकम भेजने के बाद भी जब सामान नहीं पहुंचा और काल करने पर मोबाइल नंबर बंद मिला, तो उन्हें शक हुआ।
अधिकारी से संपर्क के बाद खुला राज
इसके बाद उन्होंने उस अधिकारी से संपर्क किया, जिसके नाम से पोस्ट की गई थी। तब पता चला कि न तो उनका ट्रांसफर हुआ है और न ही उन्होंने कोई सामान बेचने का विज्ञापन डाला है। धोखाधड़ी का पता चलने पर डोंगे ने शाहपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित बैंक खाते व मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है।