भोपाल में मनाई गई 'काली ईद', खामेनेई की मौत पर लोगों का फूटा गुस्सा, बांह पर काली पट्टी बांधकर पढ़ी नमाज
राजधानी भोपाल में इस बार ईद-उल-फितर की खुशियों पर मातम का साया नजर आया। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत और ईरान पर हुए हमलों के ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 07:21:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 07:21:36 PM (IST)
खामेनेई की मौत के गम में डूबा शिया समुदाय।HighLights
- खामेनेई की मौत के गम में डूबा शिया समुदाय।
- बांह पर काली पट्टी बांधकर पढ़ी नमाज।
- फतेहगढ़ मस्जिद में नमाज के दौरान आक्रोश।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल में इस बार ईद-उल-फितर की खुशियों पर मातम का साया नजर आया। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत और ईरान पर हुए हमलों के विरोध में शिया समुदाय ने 'काली ईद' मनाई। शहर की मस्जिदों, विशेषकर फतेहगढ़ मस्जिद में नमाज के दौरान उत्साह के बजाय गहरा आक्रोश और रंज दिखाई दिया।
जश्न के बजाय मातम और सादगी
ईद के पारंपरिक उल्लास से इतर, शनिवार को फतेहगढ़ मस्जिद में समाज के लोग नए कपड़ों के बजाय पुराने और सादे लिबास में नजर आए। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक ने अपनी बांहों पर काली पट्टियां बांध रखी थीं। समुदाय के लोगों का कहना था कि उनके 'सुप्रीम लीडर' की मौत की खबर ने ईद के जश्न को मातम में बदल दिया है, इसलिए इस बार कोई भी खुशी नहीं मनाई जा रही है।
नमाज के बाद गूंजे विरोध के नारे
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फतेहगढ़ मस्जिद में ईद की नमाज के बाद दिए गए खुतबे में भी इस घटना का जिक्र हुआ। नमाज संपन्न होने के बाद मस्जिद परिसर में उपस्थित लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिया समुदाय ने आरोप लगाया कि इस्लाम विरोधी ताकतों की साजिश के कारण उनके धार्मिक नेता को अपनी जान गंवानी पड़ी। विरोध प्रदर्शन के दौरान हालांकि शांति बनी रही, लेकिन लोगों का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिला।
सार्वजनिक उत्सव से दूरी का फैसला
आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में शिया समुदाय की कुल आबादी लगभग 10 हजार है, जिसमें से बड़ी संख्या (करीब चार हजार) भोपाल में निवासरत है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके रहनुमा की मौत का शोक जारी है, तब तक वे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक उत्सव से दूर रहेंगे।