भोपाल में दर्दनाक घटना, तालाब में डूब रहे ममेरे भाई को बचाने कूदी बहन, दोनों की मौत
शोर सुनकर पास ही काम कर रहे स्वजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। तालाब से बाहर निकालने पर युवराज की मौत हो चुकी ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 28 Apr 2026 09:55:52 PM (IST)Updated Date: Tue, 28 Apr 2026 10:00:00 PM (IST)
भोपाल में डूबने से दो बच्चों की मौत।HighLights
- शोर सुनकर वहां स्वजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
- फिर कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला।
- युवराज दम तोड़ चुका था, मालती की सांसें चल रही थीं।
नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। राजधानी के परवलिया सड़क थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुरा ठिकरिया में मंगलवार दोपहर 12 बजे एक दुखद हादसा हो गया। यहां एक तालाब में पैर फिसलने से गिरे 17 वर्षीय किशोर को बचाने के प्रयास में उसकी 15 वर्षीय फुफेरी बहन भी पानी में डूब गई। इस हादसे में दोनों भाई-बहन की मौत हो गई। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया और स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है।
परवलिया टीआई हरिशंकर वर्मा के अनुसार विदिशा निवासी युवराज मीणा (17) अपनी बुआ शर्मिला मीणा के घर दौलतपुरा आया हुआ था। शर्मिला का परिवार यहां फार्म हाउस पर काम करता है और वहीं निवास करता है। मंगलवार सुबह करीब 12 बजे युवराज घर के समीप स्थित तालाब के किनारे गया था।
जहां किनारे पर जमा कीचड़ के कारण उसका पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया,अपने भाई को डूबते देख पास ही खड़ी मालती (15) उसे बचाने के लिए बिना सोचे-समझे तालाब में कूद गई।जबकि गहरा पानी होने और तैरना न आने के कारण मालती भी स्वयं को संभाल नहीं पाई और डूबने लगी।
शोर सुनकर पास ही काम कर रहे स्वजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। तालाब से बाहर निकालने पर युवराज की मौत हो चुकी थी, जबकि मालती की सांसें चल रही थीं। स्वजन उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
इकलौता बेटा था युवराज
- मृतक युवराज तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था।पिता शिशुपाल मीणा ने बताया कि पत्नी के देहांत के बाद उन्होंने बड़ी मुश्किलों से चारों बच्चों का पालन-पोषण किया था।
- गर्मी की छुट्टियों में बुआ के घर आया था।जांच अधिकारी सीएल चौधरी के अनुसार, स्वजन गमशुद थे, उनकी स्थिति को देखते हुए और उनकी इच्छानुसार शवों का पीएम कराकर उन्हें सौंप दिया गया है।
- परिवार मूलतः विदिशा का रहने वाला है, अतः अंतिम संस्कार वहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।