
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच संभालते ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने स्थानीय एसआईटी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मंगलवार को जांच के पहले ही दिन एसआइटी द्वारा सौंपी गई आधी-अधूरी और अव्यवस्थित केस डायरी देखकर सीबीआई अधिकारियों का पारा चढ़ गया। सूत्रों के मुताबिक, केस डायरी में घटनाक्रम क्रमवार दर्ज नहीं था।
दस्तावेज बेतरतीब तरीके से लगाए गए थे और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख तक नहीं था। इस पर सीबीआई अधिकारियों ने मौके पर मौजूद एसआइटी सदस्यों को जमकर फटकार लगाई। बाद में एसआइटी प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप संशोधित केस डायरी और जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे।
मंगलवार सुबह सीबीआई टीम सबसे पहले उस बंगले पर पहुंची, जहां त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। टीम ने कमरे, आसपास के हिस्सों और घटनास्थल से जुड़े हर पहलू का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने के साथ वहां मौजूद भौतिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया।
माना जा रहा है कि एजेंसी कई पुराने साक्ष्यों की दोबारा फारेंसिक जांच करा सकती है। जांच के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह से भी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, उनसे परिवार के माहौल, त्विषा और समर्थ के वैवाहिक संबंधों तथा घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर सवाल किए गए।
इसके बाद सीबीआई टीम लालघाटी स्थित थ्रीईएमइ सेंटर पहुंची, जहां त्विषा के माता-पिता और अन्य स्वजन ठहरे हुए हैं। यहां करीब एक घंटे तक चली पूछताछ में परिवार ने दावा किया कि शादी के बाद से ही त्विषा मानसिक तनाव में थी। स्वजनों ने मोबाइल चैट, फोन कॉल और आखिरी बातचीत से जुड़ी जानकारियां एजेंसी को बताईं। सीबीआइ ने डिजिटल साक्ष्यों, काल रिकार्ड और मोबाइल डेटा को भी जांच के दायरे में लिया है।
दिनभर की कार्रवाई के बाद सीबीआइ अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर अब तक की पुलिस जांच और कार्रवाई की जानकारी ली। देर रात एसआईटी ने केस डायरी सीबीआइ टीम को सौंपी। इलेक्ट्रानिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य जब्त सामग्री भी सीबीआई को सौंप दिए गए हैं। एजेंसी बुधवार को आरोपित समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी में है।