गिरिबाला सिंह का आरोप- ड्रग लेती थी बहू, ट्विशा की चैट- 'इन्हें लगता है मैं नशा करती हूं, पति पूछता है पेट में बच्चा किसका था'
ट्विशा शर्मा की एक चैट सामने आई है, जिसमें उसने लिखा था कि पति समर्थ सिंह गर्भपात से पहले पूछता था कि पेट में किसका बच्चा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 19 May 2026 07:50:15 AM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 09:08:37 AM (IST)
ट्विशा शर्मा की वॉट्सएप चैट।HighLights
- परिवार ने कहा- ट्विशा शर्मा एक मॉडल थी और उसकी लंबाई 173 सेंटीमीटर थी
- पीएम रिपोर्ट में लंबाई 12 सेंटीमीटर कम दर्ज, अंडरगारमेंट्स का रंग भी बदला गया
- जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात, वह पुलिस ने एम्स में जमा नहीं कराई
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह ने अपने जमानती आवेदन में बहू को ड्रग का आदी बताया था। उन्होंने बताया कि ट्विशा का इलाज भी चल रहा था। वहीं ट्विशा की वॉट्सएप चैट भी सामने आई है। उसमें ट्विशा ने मां से कहा कि इन्हें लगता है कि मैं ड्रग लेती हूं, जिससे मेरा मूड खराब रहता है।
बस ये दिल में नहीं आता कि इनका बेटा ही छोड़कर बैठा है। उसने आगे मैसेज में यह भी लिखा कि ये लोग न रोने देंगे और न हंसने की वजह देंगे। ट्विशा ने यह भी लिखा कि समर्थ उससे कहता था कि गर्भपात से पहले उसके पेट में किसी और का बच्चा था। घटियापन की सभी हदें पार कर चुका है।
इन बिंदुओं से गहराई प्रभाव-लापरवाही की आशंका
- परिवार का कहना है कि ट्विशा एक मॉडल थी और उसकी लंबाई 173 सेंटीमीटर थी, जबकि पीएम रिपोर्ट में उसे 161 सेंटीमीटर दर्ज कर दिया गया। सवाल यह है कि पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में 12 सेंटीमीटर की इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है?
- शव के फर्स्ट आब्जर्वेशन रिपोर्ट में मृतका के अंत:वस्त्रों के रंग को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। स्वजन का दावा है कि ब्राउन रंग के अंत:वस्त्र को दस्तावेजों में ब्लैक बताया गया। परिवार पूछ रहा है कि आखिर सबूतों का विवरण बदलने की जरूरत क्यों पड़ी?
जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही जा रही है, उसे कटाराहिल्स पुलिस ने पोस्टमार्टम के दौरान एम्स अस्पताल में जमा ही नहीं कराया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना उस अहम साक्ष्य के डॉक्टरों ने फांसी की परिस्थितियों का परीक्षण कैसे किया?
स्वजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहन एक निजी अस्पताल में वरिष्ठ पद पर हैं और इसी कारण एम्स के डाक्टरों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
परिवार का दावा है कि जब वे मौत के बाद एम्स पहुंचे तो वहां कुछ पुलिसकर्मी गिरिबाला सिंह के पैर छूते दिखाई दिए। इसके बाद से ही परिवार का भरोसा जांच प्रक्रिया से उठ गया।