
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल के बहुचर्चित 'ट्विशा शर्मा मामले' में मध्य प्रदेश शासन ने एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष और पूर्व जज गिरिवाला सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज होने के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
इस बड़े प्रशासनिक फैसले की पुष्टि करते हुए मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज होने के बाद शासन ने गिरिवाला सिंह को पद से मुक्त करने का फैसला किया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश शासन के खाद्य विभाग के उप सचिव ने एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। यह पत्र राज्य उपभोक्ता आयोग के रजिस्ट्रार को भेजा गया है।
पूर्व जज गिरिवाला सिंह के खिलाफ भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दहेज प्रताड़ना अधिनियम (Dowry Harassment Act) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद वह वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से ही विभाग उन पर शिकंजा कसने की तैयारी में था।
शासन ने साफ कर दिया है कि जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति और उनके आचरण नियमों (Conduct Rules) को ध्यान में रखते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार ने जांच प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं ताकि सच जल्द से जल्द सामने आ सके। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
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