
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी)-2025 में मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों ने अच्छे परिणाम दिए हैं। शुक्रवार को घोषित परिणाम में राज्य के दो अभ्यर्थियों ने ऑल इंडिया टॉप-10 रैंक में स्थान बनाया है। इनमें भोपाल के ईशान भटनागर ने पांचवां स्थान हासिल किया है, वहीं, धार जिले के पक्षाल जैन ने आठवां स्थान पाया है। प्रदेश के कई अन्य अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ है। इनमें अशोकनगर जिले के चंदेरी निवासी विवेक यादव ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 17वीं रैंक प्राप्त की है।
भोपाल के शिवाजी नगर स्थित कीलनदेव टावर निवासी ईशान भटनागर इससे पहले भी यूपीएससी में चयनित होकर इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) के लिए चुने गए थे। इसके बाद से वह नागपुर में ट्रेनिंग कर रहे हैं। इनके घर में कई रिश्तेदार आईएएस, आईपीएस अधिकारी हैं। ईशान को घर से ही आईएएस बनने की प्रेरणा मिली।
उनकी मां प्रोफेसर विनीता धौंढ़ियाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। पिता अमिताभ भटनागर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सेवानिवृत्त प्रधान सलाहकार हैं। ईशान की बुआ कल्पना श्रीवास्तव भी आईएएस अधिकारी हैं और फूफा सेवानिवृत्त डीजी शैलेंद्र श्रीवास्तव हैं।
पिता अमिताभ भटनागर ने बताया कि ईशान का लक्ष्य आईएएस बनना ही था। ईशान ने अपनी स्कूली शिक्षा भोपाल के दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की। 12वीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
धार जिले के छोटे कस्बे बाग के पक्षाल जैन ने आईआईटी कानपुर से इकोनॉमिक्स में बीटेक की पढ़ाई की। आकर्षक पैकेज पर कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरी मिली लेकिन उसके स्थान पर सिविल सेवा का रास्ता चुना। पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचे, दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स में रह गए, लेकिन तीसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक आठ हासिल की।
इसके लिए दिसंबर 2023 में दिल्ली जाकर उन्होंने सेल्फ स्टडी और टेस्ट सीरीज के माध्यम से तैयारी की और किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से दूरी बनाए रखी। दो वर्षों तक उनके पास केवल कीपैड मोबाइल था।
पक्षाल जैन के पिता निलेश जैन कपड़ा व्यवसायी हैं। मां दीप्ति जैन गृहिणी हैं। पक्षाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर समय का पता ही नहीं चलता और कई घंटे व्यर्थ चले जाते हैं, इसलिए उससे दूरी बनाई। छोटी बहन क्रिया जैन के अनुसार, तैयारी के दौरान पक्षाल ने बेहद कठिन दिनचर्या अपनाई।
कई बार ऐसा समय भी आया, जब वह रोजाना केवल तीन से चार घंटे ही सोते थे और दिनभर लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करते थे। पिता निलेश जैन ने बताया कि पक्षाल की प्रारंभिक शिक्षा बाग में हुई। आगे की पढ़ाई इंदौर से की। बाद में आईआईटी कानपुर से इकोनॉमिक्स में अध्ययन किया।
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इसी तरह विदिशा जिले की नटेरन तहसील के ग्राम जोहद की प्राची चौहान ने यूपीएससी परीक्षा में 260वीं रैंक प्राप्त की है। गुना से देवांशी मीणा ने 236वीं रैंक प्राप्त की है। वह इससे पहले 2024 के परिणाम में 764वीं रैंक के साथ आइआरएस चुनी गई थीं। वर्तमान में वे मसूरी में ट्रेनिंग ले रही हैं। इसी तरह, गुना जिले से नीरज निश्चल ने 241वीं रैंक प्राप्त की है। नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी के आयुष स्वामी को 461वीं रैंक आई है।