MP Weather Update: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे दौर जारी, प्रदेश कई संभागों में बारिश की संभावना
प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव जारी है। कई इलाकों में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ बारिश और कोहरा भी छा रहा है। IMD का अनुमान है कि फरवरी के पहले सप्ताह ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Feb 2026 07:03:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Feb 2026 07:06:35 AM (IST)
मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावनाHighLights
- शनिवार को गुना और राजगढ़ में बारिश
- खुजराहो में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज
- ग्वालियर अंचल में अति घना कोहरा रहा
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: अलग-अलग स्थानों पर बनी प्रभावी मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। अधिकतर शहरों में बादल छा गए हैं। साथ ही कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को गुना और राजगढ़ में बारिश हुई।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग में कई स्थानों पर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। रुक-रुककर बारिश का सिलसिला तीन-चार दिन तक बना रह सकता है।
उधर शनिवार को प्रदेश में रात का सबसे कम छह डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। ग्वालियर में अति घना कोहरा रहा, रीवा में घना और दतिया में मध्यम स्तर का कोहरा रहा। दिन का सबसे अधिक 30 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन में रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश के मौसम पर इनका असर
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान के आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके प्रभाव से मध्य पाकिस्तान पर एक प्रेरित चक्रवात बना है। इस चक्रवात से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो पंजाब एवं हरियाणा से होकर जा रही है।
उत्तरी गुजरात एवं उसके आसपास भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 213 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। दो फरवरी एवं पांच फरवरी को दो नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि हवाओं के साथ नमी आने के कारण बारिश होने लगी है। बादल बने रहने के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना कम है।
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के लगातार आने के कारण फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।