
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा महिला मोर्चा की तरफ प्रचार-प्रसार करना एक परिवार को महंगा साबित हो गया। जब टीएमसी की सरकार बनी तो उसके गुंडों ने परिवार का जीना मुश्किल कर दिया। भाजपा की महिला कार्यकर्ता को परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। इससे डरकर वह परिवार सहित पश्चिम बंगाल छोड़कर भोपाल आकर रहने लगी।
यहां वह अत्यंत गरीबी में जीवन यापन कर रही है, उसे शासन की योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इससे परेशान होकर एक दिव्यांग महिला ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से मदद की गुहार लगाई है। इसके अलावा जनसुनवाई में करीब 160 आवेदक विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे, जिन्हें कलेक्टर व अन्य अधिकारियों ने सुनते हुए संबंधित विभाग को निराकरण के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, करोंद में रहने वाली रंजीता प्रमानिक ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि वह मूलतः पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। वर्ष 2021 में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की तरफ से काम कर रही थी और उसका भाई बजरंग दल में था।
जब तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सत्ता में आ गई तो उसके गुंडों ने महिला व उसके परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया था। उस पर तेजाब हमला करवा दिया था, जिससे वह घायल होकर दिव्यांग हो गई। पीड़िता ने आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया था, जिसे वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था। प्रताड़ना से तंग आकर वह अगस्त 2021 में पश्चिम बंगाल से पलायन कर परिवार सहित भोपाल आकर रहने लगी।
पीड़िता ने बताया कि यहां उसका व परिवार का आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि तो बन गए हैं, लेकिन समग्र आईडी, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड नहीं बनने से शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उक्त योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए परिवार के प्रमुख शासकीय कार्ड बनवाए जाएं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
गांधीनगर की रहने वाली एक महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ दोपहिया वाहन से डीआईजी बंगला क्षेत्र से घर जा रही थी। इसी दौरान चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा रोककर पूछताछ शुरू की गई, गाड़ी पर नंबर नहीं होने के कारण वाहन को जब्त कर लिया गया। पुलिस को दस्तावेज तक दिखा दिए, लेकिन फिर भी गाड़ी को जब्त कर पति को थाने ले जाया गया। इस पर चालान जमा करने के लिए तैयार हो गए, फिर भी पुलिस कर्मचारियों द्वारा डराने-धमकाने के साथ ही दुर्व्यवहार किया गया।
वहीं, विदिशा के रहने वाले रवि प्रजापति ने बताया कि वह मंगलवार सुबह दोपहिया वाहन से शंकराचार्य नगर जा रहा था, तभी बजरिया थाना के पुलिसकर्मी हरिनारायण ने हेलमेट नहीं पहनने के कारण रोक लिया था। चालान जमा करने तक के लिए तैयार हो गया, इसी बीच पुलिसकर्मी ने गाली-गलौज करते हुए अभद्र भाषा का उपयोग किया। दोनों मामलों की जांच पुलिस को सौंप दी गई है।