
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान गड़बड़ियों से संबंधित अनेक शिकायतें मिल रही थीं, जिसमें यह तक सामने आया था कि बैरसिया स्थित एक उपार्जन केंद्र पर तय क्षमता के अनुसार गेहूं का भंडारण किया जा चुका था। इसके बाद वेयर हाउस संचालक ने प्रशासन से अनुमति लिए बिना ही दूसरे वेयर हाउस पर समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू कर दी थी। ऐसे में अब संचालक पर कार्रवाई की जा सकती है, जिसको लेकर खाद्य विभाग द्वारा जांच की जा रही है। गड़बड़ियों की शिकायतों के बीच कलेक्टर प्रियंक मिश्रा मंगलवार को बैरसिया में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे और अधिकारियों को पर्याप्त व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में समर्थन मूल्य दो हजार 625 रुपये पर गेहूं बेचने के लिए 37 हजार 407 किसानों ने पंजीयन करवाया है। जिनसे करीब 93 उपार्जन केंद्रों पर खरीदी की जा रही है, जिनमें बैरसिया स्थित सिद्धि विनायक वेयर हाउस भी शामिल था, जिसकी खाद्य विभाग की टीम ने जांच की तो पता चला कि वेयर हाउस में क्षमता के अनुरूप गेहूं का भंडारण किया जा चुका था। ऐसे में गेहूं बेचने आए अन्य किसानों से संचालक ने बिना किसी अनुमति के दूसरे वेयरहाउस पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदना शुरू कर दिया था। इसके अलावा मां हरसिद्धि, कार्तिक, अष्ट विनायक, आदर्श वेयरहाउस पर खरीदी के दौरान गड़बड़ी होने की आशंका के चलते जांच की गई है।
उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी के बाद जिस बारदाने का उपयोग किया जा रहा है, उसमें गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने जांच के निर्देश दिए थे, जब टीम ने निरीक्षण किया तो उपार्जन केंद्रों पर बारदाना खराब मिला है। इससे अब उसे बदलने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि गेहूं खराब न हो। प्रशासन ने बताया कि मां हरसिद्धि वेयरहाउस उपार्जन केंद्र पर भारती जूट बारदाना में गेहूं भरकर रखा जा रहा है, जो प्राथमिक तौर पर देखने पर पुराना लग रहा है।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ग्राम निपानिया जाट स्थित आर्या वेयर हाउस का दौरा कर किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने न केवल बारदाने और बुनियादी सुविधाओं (शौचालय, छाया) का जायजा लिया, बल्कि स्वयं पानी पीकर पेयजल व्यवस्था की गुणवत्ता भी परखी। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए करीब 23 हजार 150 किसानों से स्लॉट बुक करवाए हैं। जिनसे करीब एक लाख 64 हजार 249 मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर एक लाख 48 हजार 971 मीट्रिक टन का परिवहन करवाया जा चुका है। साथ ही खरीदे गए गेहूं की कीमत करीब 431 करोड़ रुपये है जिसमें से 262 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किए जा चुके हैं।
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