• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

जनविश्वास शिविर में छलका महिलाओं का दर्द: 'भोपाल में खुलेआम बिक रहा नशा, जर्जर मकानों में रहने को मजबूर'

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर में 14 काउंटरों पर 846 आवेदन मिले। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के 105 मामलों में 30 का मौके पर निराकरण किया गया।

By Madanmohan malviyaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 08 Aug 2026 02:32:49 PM (IST)Updated Date: Sat, 08 Aug 2026 02:32:49 PM (IST)
जनविश्वास शिविर में छलका महिलाओं का दर्द: 'भोपाल में खुलेआम बिक रहा नशा, जर्जर मकानों में रहने को मजबूर'
शराब व गांजे की खुलेआम बिक्री की शिकायत की और बच्चों-युवाओं पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई। नईदुनिया।

HighLights

  1. श्यामनगर में नशे के खुले कारोबार का आरोप
  2. शिविर में 14 काउंटरों पर 846 आवेदन मिले
  3. नशे के साथ जर्जर आवास और दस्तावेजों की समस्या

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में नशा मुक्ति अभियान और सख्ती के दावों के बीच श्यामनगर की तस्वीर प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां रहवासियों ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने खुलकर आरोप लगाए।

आरोप लगाया कि क्षेत्र में खुलेआम शराब और गांजे की बिक्री हो रही है। नशे की चपेट में बच्चे और युवा आ रहे हैं, जिससे इलाके में विवाद और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।

महिलाओं ने कहा कि नशे के कारण आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।

शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

हबीबगंज क्षेत्र के श्यामनगर में शुक्रवार को आयोजित शिविर में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और विधायक भगवानदास सबनानी के सामने कल्ली बाई सहित अन्य महिलाओं और रहवासियों ने अपनी समस्याएं रखीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि नशे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और इसकी जानकारी पुलिस व जिम्मेदार विभागों को होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

110 अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिए आवेदन

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026 के तहत शुक्रवार को वार्ड क्रमांक-47 श्याम नगर शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में कुल 846 नागरिकों ने विभिन्न समस्याओं के आवेदन दिए। लोगों की सुविधा के लिए 14 काउंटर बनाए गए थे, जहां नगर निगम और जिला प्रशासन के 110 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े 105 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 30 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर प्रमाण पत्र जारी किए गए। शेष आवेदनों का परीक्षण कर एक से दो सप्ताह में समाधान किया जाएगा।

शिविर में सीवेज, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत, प्रधानमंत्री आवास योजना और संबल योजना से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। अधिकारियों ने समय-सीमा में समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में जन संवाद में अधिकारियों से बोले ग्रामीण- साहब 100 रुपये का बिजली बिल सीधे 10 हजार आ गया

जहां लगा शिविर वहां गंदगी का अंबार

श्याम नगर के लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए शिविर का आयोजन किया था, लेकिन यहां हालात बहुत ही खराब थे।यहां पर साफ-सफाई का अभाव होने से गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इतना ही नहीं हितग्राहियों को दिए गए आवास करीब 13 साल से अधिक पुराने हो गए हैं, जिनकी मरम्मत नहीं करवाने से वह जर्जर हो चले हैं।


ऐसे में यह रहवासियों के लिए खतरनाक बने हुए हैं लोग मजबूरी में यहां रह रहे हैं।ऐसे में निगमायुक्त संस्कृति जैन खुद श्यामनगर की गलियों में पहुंची और हकीकत से रूबरू हुईं।

रहवासी बोले : नहीं हो रहे काम, खंडहर हुए आवास

मोहल्ले में खुलेआम शराब व गांजा बिक रहा है, मेरा 14 साल का बेटा है उसे पता नहीं कौन साल्यूशन दे देता है।उसको नशे की लत लग गई है।पुलिस को सब पता है लेकिन सुनवाई नहीं होती है। सुबह से लोग यहां -वहां बैठकर शराब पीते रहते हैं। ममता बाई, रहवासी

चौथी मंजिल का चेंबर टूट गया है बच्चे गिर गए हैं लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया है डेढ़ साल से परेशान है अधिकारियों को सब पता है आवास जर्जर हो गए है। 10 से 12 साल के मकान हो गए है वर्षा का पानी छत से टपकने लगा है। राखी उइके, रहवासी

मेरे पति का निधन हो गया है, मेरा राशनकार्ड बंद है, बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।केंद्रों व कार्यालयों के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो गई हूं। अब यहां उम्मीद लेकर आई हूं।- गूंजा उइके, रहवासी

मेरी शादी को चार -पांच साल हो गए है, तब से यहां रह रही हूं। मेरा अब तक मतदाता सूची में नाम नहीं आया है।इसी को लेकर यहां आवेदन देने आई हूं । रजनी धुर्वे, रहवासी

अधिकारी व जनप्रतिनिधि बोले समस्याओं का होगा समाधान

जनविश्वास अभियान का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति दिलाना है। अधिकारी स्वयं वार्डों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेंगे। नशा मुक्ति के लिए पुलिस, प्रशासन और एनजीओ संयुक्त रूप से काम करे।युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण, बच्चों की शिक्षा और संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।- संजय शुक्ला, अपर मुख्य सचिव (गृह)

जनविश्वास शिविरों में मिले आवेदनों का समय-सीमा में पारदर्शी निराकरण किया जाएगा। नाली, पेयजल, दस्तावेज और योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए हैं।नशा सामाजिक बीमारी है, इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।- प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर