
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में नशा मुक्ति अभियान और सख्ती के दावों के बीच श्यामनगर की तस्वीर प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां रहवासियों ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने खुलकर आरोप लगाए।
आरोप लगाया कि क्षेत्र में खुलेआम शराब और गांजे की बिक्री हो रही है। नशे की चपेट में बच्चे और युवा आ रहे हैं, जिससे इलाके में विवाद और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
महिलाओं ने कहा कि नशे के कारण आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।
मोहल्ले में खुलेआम शराब व गांजा बिक रहा है, मेरा 14 साल का बेटा है उसे पता नहीं कौन साल्यूशन दे देता है।उसको नशे की लत लग गई है।पुलिस को सब पता है लेकिन सुनवाई नहीं होती है। सुबह से लोग यहां -वहां बैठकर शराब पीते रहते हैं। ममता बाई, रहवासीचौथी मंजिल का चेंबर टूट गया है बच्चे गिर गए हैं लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया है डेढ़ साल से परेशान है अधिकारियों को सब पता है आवास जर्जर हो गए है। 10 से 12 साल के मकान हो गए है वर्षा का पानी छत से टपकने लगा है। राखी उइके, रहवासीमेरे पति का निधन हो गया है, मेरा राशनकार्ड बंद है, बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।केंद्रों व कार्यालयों के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो गई हूं। अब यहां उम्मीद लेकर आई हूं।- गूंजा उइके, रहवासीमेरी शादी को चार -पांच साल हो गए है, तब से यहां रह रही हूं। मेरा अब तक मतदाता सूची में नाम नहीं आया है।इसी को लेकर यहां आवेदन देने आई हूं । रजनी धुर्वे, रहवासी
जनविश्वास अभियान का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति दिलाना है। अधिकारी स्वयं वार्डों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेंगे। नशा मुक्ति के लिए पुलिस, प्रशासन और एनजीओ संयुक्त रूप से काम करे।युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण, बच्चों की शिक्षा और संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।- संजय शुक्ला, अपर मुख्य सचिव (गृह)जनविश्वास शिविरों में मिले आवेदनों का समय-सीमा में पारदर्शी निराकरण किया जाएगा। नाली, पेयजल, दस्तावेज और योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए हैं।नशा सामाजिक बीमारी है, इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।- प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर