बुरहानपुर में कोर्ट ने तीन कॉलोनाइजरों को सुनाई सजा, अवैध कॉलोनियां काटने वालों में हड़कंप
उसने वर्ष 2013 से 2016 तक मासिक किश्तों के रूप में कॉलोनाइजरों के पास 1.25 लाख रुपये जमा कराए थे। जब प्लाट की रजिस्ट्री की बारी आई तो उसे पता चला कि न ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 10:16:49 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 10:24:11 PM (IST)
बुलडोजर से अवैध कॉलोनी की सड़क उखाड़ते कर्मचारी। - फाइल फोटो।HighLights
- लोधीपुरा के ताज नगर का मामला।
- पांच साल में आया कोर्ट का फैसला।
- अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बिके।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। अवैध रूप से कालोनी काट कर लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन कॉलोनाइजरों को दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद कॉलोनाइजरों में हड़कंप मचा हुआ है।
ज्ञात हो कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों की संख्या में सुविधा विहीन अवैध कॉलोनियां काट कर प्लाट बेचे गए हैं। अब तक ऐसी कालोनियां बसाने वालों को भ्रम था कि प्लाट खरीद कर ठगी का शिकार होने वाले लोगों की शिकायत से कोई फर्क नहीं पड़ता। यही वजह थी कि लगातार मामले सामने आने के बावजूद धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही थीं।
किश्तों में लिए थे सवा लाख रुपये
- जिला अभियोजन अधिकारी नीरज डावर ने बताया कि आरोपित मोहम्मद हारून, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद जाहिर ने लोधीपुरा में ताज नगर के नाम से एक कालोनी काटी थी।
- इसमें अब्दुल मलिक ने भी प्लाट बुक किया था। उसने वर्ष 2013 से 2016 तक मासिक किश्तों के रूप में कॉलोनाइजरों के पास 1.25 लाख रुपये जमा कराए थे।
- जब प्लाट की रजिस्ट्री की बारी आई तो उसे पता चला कि न तो कॉलोनी का ले-आउट स्वीकृत है और न ही डायवर्शन है। कॉलोनाइजरों ने उसके रुपये भी वापस नहीं दिए।
- इसके बाद उसने जिला प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई थी। ऐसे अन्य लोगों ने भी अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं।
पांच साल पूर्व दर्ज हुआ था मामला
जांच के बाद जिला प्रशासन ने वर्ष 2020 में गणपति थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया था। जहां सुनवाई के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपित कालोनाइजरों ने गरीब हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी कर उनकी जमा पूंजी हड़प ली है। इसके बाद न्यायालय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गत दो अप्रैल को तीनों को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई है।
कई कॉलोनियों की चल रही जांच
- अवैध कॉलोनी बसाने और धोखाधड़ी का यह इकलौता मामला नहीं है।
- इस तरह के करीब एक दर्जन मामलों की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में चल रही है।
- माना जा रहा है कि जल्द ही उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो सकती है।
- उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के सर्वे में 150 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां सामने आई थीं।
- इन कॉलोनियों में सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं किया गया।
- कॉलोनाइजरों ने खेतों का डायवर्सन करा प्लाट काटे और लोगों को बेच दिए।