MP के बुरहानपुर में एटीएम से निकला 500 रुपये का नकली नोट, अलर्ट हुई खुफिया एजेंसियां; मालेगांव से जुड़ रहे तार
नवंबर 2025 में दो लोगों को मालेगांव पुलिस ने 10 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। फिर पैठिया गांव से 19 लाख से ज्यादा के नकली नोट भी मिले थे। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 11:19:23 AM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 11:50:21 AM (IST)
एटीएम से निकला निकली नोट बताते विशाल यादव।HighLights
- नोट निकालने वाले और मशीन में डालने वाले कर्मचारियों से इस संबंध में पूछताछ हो सकती है
- विशाल यादव राजस्थानी भवन के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे थे
- अब इस पूरे मामले में यह जांच की जा रही है कि आखिर एटीएम मशीन तक नकली नोट कैसे पहुंचे
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। शनिवार को राजस्थानी भवन के पास स्थित बैंक आफ इंडिया के एटीएम से पांच सौ रुपये का नकली नोट निकलने की खबर के बाद से खुफिया एजेंसियां फिर सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार एटीएम के लिए नोट निकालने वाले और मशीन में डालने वाले कर्मचारियों से जल्द इस संबंध में पूछताछ हो सकती है। ज्ञात हो कि बुरहानपुर के तार मालेगांव नकली नोट कांड से जुड़े रहे हैं।
इस कांड का मास्टर माइंड निलंबित डॉक्टर प्रतीक नवलखे अब भी फरार है, जबकि गिरफ्तार हुए दो अन्य आरोपित इमाम जुबैर अंसारी व नजीर अंसारी भी बुरहानपुर के ही निवासी हैं।
नवंबर 2025 में दोनों को मालेगांव पुलिस ने 10 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद खंडवा जिले की जावर थाना पुलिस ने पैठिया गांव से भी इमाम जुबैर अंसारी के घर से 19 लाख से अधिक के नकली नोट बरामद किए थे। तभी से बुरहानपुर खुफिया एजेंसियों के रडार पर है।
बैंक प्रबंधन से की शिकायत
ज्ञात हो कि शनिवार को पशु चिकित्सा विभाग में अकाउंटेंट विशाल यादव राजस्थानी भवन के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे थे। उन्होंने एटीएम से आठ हजार रुपये निकाले। जब उन्होंने नोटों की गिनती की तो कुल 16 नोट थे, लेकिन इनमें से एक नोट सौ रुपये का था, जबकि एक पांच सौ का नकली नोट था। इस तरह उन्हें नौ सौ रुपये का नुकसान हुआ।
इसकी जानकारी विशाल यादव ने बैंक प्रबंधन को दी है। अब इस पूरे मामले में यह जांच की जा रही है कि आखिर एटीएम मशीन तक नकली नोट कैसे पहुंचे। नकली नोट का यह एक मामला प्रकाश में आया है, जबकि जानकारों का कहना है कि ऐसे कई नोट एटीएम मशीन के माध्यम से खपाए जा चुके होंगे, लेकिन लोगों को इसका पता नहीं चल पाया।