
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा । तामिया मध्य प्रदेश शासन के विशेष संस्थानों में शुमार तामिया विकास खंड के सांदीपनी विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की भर्ती को लेकर जारी एक विज्ञापन विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गया है।
संस्था के प्रभारी प्राचार्य एवं प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी बीके सानेर द्वारा जारी किया गया यह विज्ञापन शासकीय तौर पर प्रसारित होने के बजाय सिर्फ सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जिससे इसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन के अनुसार, इच्छुक आवेदक दिनांक 13 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक ही अपने आवेदन विद्यालय में जमा कर सकते हैं। शनिवार, 11 जुलाई को जारी किए गए इस विज्ञापन के बाद रविवार का अवकाश रहा, जिसके चलते आवेदकों को तैयारी का मौका ही नहीं मिला।
क्षेत्र की अन्य सभी शिक्षण संस्थाओं में फार्म जमा करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है, वहीं सांदीपनी विद्यालय में महज कुछ घंटों की समय-सीमा तय करना समझ से परे है। आवेदक आदित्य आम्रवंशी का आरोप है कि चहेतों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आनन-फानन में यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
विज्ञप्ति पत्र में लापरवाही का आलम यह है कि नियमों और अर्हताओं (योग्यता) को ताक पर रख दिया गया है। विज्ञापन में वर्ग-2 के संस्कृत विषय के शिक्षक के लिए आवेदक की योग्यता 'अंग्रेजी विषय से स्नातक और बीएड' मांगी गई है।
संस्कृत के पद पर अंग्रेजी की डिग्री मांगने की इस बड़ी तकनीकी त्रुटि के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।विवाद का दूसरा सबसे बड़ा पहलू पत्र की भाषा को लेकर है। इस शासकीय विज्ञप्ति पत्र में हिंदी लिखने में शब्दों और मात्राओं की अनगिनत गंभीर त्रुटियां देखने को मिली हैं।
विडंबना यह है कि संस्था के प्रभारी प्राचार्य बी.के. सानेर स्वयं हिंदी विषय के उच्च माध्यमिक शिक्षक के गरिमामयी पद पर आसीन हैं। एक हिंदी विशेषज्ञ और ब्लॉक के शीर्ष शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी पत्र में इस तरह की भाषाई अशुद्धियां क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बनी हुई हैं।
क्षेत्र के शिक्षित और पात्र बेरोजगार युवाओं ने इस विज्ञापन की विसंगतियों को लेकर नाराजगी जताई है। मांग की जा रही है कि आवेदन की तिथि को कम से कम एक सप्ताह के लिए बढ़ाया जाए और त्रुटियों को सुधारकर निष्पक्ष तरीके से भर्ती की जाए।
भर्ती का विज्ञापन हमने सोशल मीडिया पर जारी किया है, अयोग्य लोग ही फर्जी शिकायत कर रहे हैं।
बीके सानेर, प्राचार्य, सांदीपनी विद्यालय
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