
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने गुरुवार को छिंदवाड़ा में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सेतु निर्माण संभाग से सेवानिवृत्त एसडीओ महेंद्र नागवंशी के आवास और अन्य ठिकानों पर दबिश दी। नागवंशी के पास से अब तक 5.47 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिली है।
बैंक खातों और लाकरों की जांच के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है। दरअसल महेंद्र नागवंशी के विरुद्ध करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं।
गुरुवार सुबह ईओडब्ल्यू की तीन टीमों ने आदर्श नगर, परासिया रोड स्थित आवास और ग्राम उसरिया (गुरैया) स्थित नागदा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (आटा मिल) पर कार्रवाई की।
जांच के दौरान महेंद्र नागवंशी के पास 25 एकड़ कृषि भूमि, परासिया रोड स्थित आवास, 22 बीमा पालिसियां और तीन फोर-व्हीलर व तीन टू-व्हीलर मिली है।
उनके पास आठ और पत्नी सीमा नागवंशी के नाम पर 10 बैंक खाते हैं। पुत्र ऋत्विक नागवंशी के तीन बैंक खाते में लगभग 30 लाख रुपये जमा होने का अनुमान है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक गणना है। आरोपित के ठिकानों से मिले दस्तावेजों, लाकरों और बैंक खातों की विस्तृत जांच जारी है।
छिंदवाड़ा शहर के परासिया रोड पर आज सुबह आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने बड़ी दबिश दी है। जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी महेंद्र नागवंशी और उनके भाई के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम द्वारा जांच और छापेमारी की जा रही है।
छापेमारी की यह कार्रवाई शहर के महत्वपूर्ण व्यवसायिक क्षेत्र में की जा रही है। परासिया रोड स्थित मुल्लाजी पेट्रोल पंप के सामने, प्रदूषण विभाग के नीचे स्थित कार्यालय और आवास पर कारवाई हो रही है। महेंद्र नागवंशी के साथ-साथ उनके भाई के ठिकानों पर भी टीम मौजूद है जिनका संबंध वंदना लॉन से बताया जा रहा है।

हालांकि अभी तक ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर जब्ती या खुलासे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जिस तरह से टीम ने घेराबंदी की है, उससे कई कयास लगाए जा रहे है। रिटायरमेंट के बाद भी बड़ी संपत्तियों और व्यापारिक संस्थानों में निवेश की जांच की जा रही है। टीम द्वारा महेंद्र नागवंशी और उनके भाई के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और जमीनों के दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।